Sunday, 1 March 2026
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जिस फिल्म को हीरो ने समझा फ्लॉप, वही निकली सुपरहिट, खूब पछताए शशि कपूर-मनोज कुमार – jai lalitha movie remake became turning point for jeetendra babita kapoor film farz 1967 confirmed flop 12th week suddenly superhit sunny deol


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Jeetendra Babita Kapoor Superhit Film : वैसे तो जय ललिता के साथ जीतेंद्र ने कभी काम नहीं किया है, फिर भी उनका स्टारडम बढ़ाने में पूर्व सीएम का हाथ है. जय ललिता की एक सुपरहिट फिल्म का रीमेक हिंदी में बनाया गया. इस फिल्म में जीतेंद्र-बबीता लीड रोल में थे. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म पूरे 12 हफ्ते तक नहीं चली. जीतेंद्र को पूरा यकीन था कि फिल्म चलेगी. उन्होंने एक ट्रिक आजमाई. ट्रिक काम कर गई. फ्लॉप मूवी सुपरहिट साबित हुई. आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा……..

जिस फिल्म को सबने फ्लॉप समझ लिया हो, अगर वही फिल्म सुपरहिट निकल जाए तो इसे क्या कहा जाएगा. फिल्मी दुनिया में कुछ भी हो सकता है. यहां किस्मत कब खुल जाए, कोई नहीं जानता. सुपर स्टार जीतेंद्र के साथ ऐसा ही कुछ हुआ था. जय ललिता की एक फिल्म ने उनकी किस्मत बदल दी. वही जय ललिता जो बाद में तमिलनाडु की सीएम बनीं. उनकी एक फिल्म का रीमेक हिंदी में ‘फर्ज’ नाम से बनाया गया. यह फिल्म 1967 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म पूरे 12 हफ्ते तक नहीं चली. जीतेंद्र ने भी इसे फ्लॉप ही समझ लिया था.

बॉलीवुड अभिनेता जीतेंद्र का मूल नाम रवि कपूर है. उनके पिता अमरनाथ कपूर फिल्म इंडस्ट्री में फिल्मों के लिए आर्टिफिशियल ज्वेलरी सप्लाई किया करते थे. जीतेंद्र एक बार ‘नवरंग’ फिल्म के सेट पर ज्वेलरी देने गए थे, जहां निर्देशक वी. शांताराम ने उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका दिया.<br />शुरुआत में उन्हें जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम मिलने लगा. जीतेंद्र को पहला बड़ा ब्रेक ‘गीत गाया पत्थरों ने’ फिल्म में मिला. वी. शांताराम ने फिल्म का डायरेक्शन किया था. यह फिल्म 1964 में आई थी.

फिर आया साल 1967. इस साल जीतेंद्र-बबीता की फिल्म ‘फर्ज’ ने उनका करियर चमका दिया. यह फिल्म जीतेंद्र के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई. फिल्म का डायरेक्शन रविकांत नगाइच ने किया था. फिल्म 6 अक्टूबर 1967 को रिलीज हुई थी. यह फिल्म 1966 की तमिल मूवी गुडाचारी 116 का रीमेक थी जिसमें कृष्णा, जय ललिता, रजनाला, मुक्कामाला लीड रोल में थे. इस स्पाइ थ्रिलर फिल्म को सुंदरलाल नाहटा और ढूंढी ने प्रोड्यूस किया था.

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फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म की सफलता में सबबे बड़ा योगदान सदाबहार गीतों का था. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘बार-बार ये दिन आये, बार-बार ये दिल गाए’, ‘हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने’, ‘मस्त बहारों का मैं आशिक’ शामिल हैं.

इस फिल्म से जुड़ा सबसे दिलचस्प फैक्ट यही है कि मूवी 12 हफ्ते तक सिनेमाघरों में नहीं चली. यानी 3 माह तक फिल्म को रिस्पांस नहीं मिला. जीतेंद्र को फिल्म की कहानी-म्यूजिक पर पूरा भरोसा था. उन्होंने सिनेमाघर के मालिकों से फिल्म को 15 हफ्ते तक लगाए रखने और इस दौरान सभी टिकटों का पैसा दिया. जैसा उन्होंने सोचा था, ठीक वैसा ही हुआ. 15 हफ्ते के बाद मूवी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि मैसिव हिट साबित हुई.

इस फिल्म से जीतेंद्र रातोंरात स्टार बन गए. फिल्म मैसिव हिट साबित हुई. यह उस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. फिल्म का एक गाना ‘हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने’ की ट्यून का इस्तेमाल 1989 में आई सलमान खान-भाग्य श्री की फिल्म में भी किया गया था. यह गाना था ‘दिल दे के दर्द-ए-मोहब्बत लिया है’. दोनों गानों के मुखड़े की धुन सेम है.

ओरिजनल फिल्म साउथ इंडिया की थी. जय ललिता उसमें लीड रोल में थी. प्रोड्यूसर फिरोज खान को लेकर हिंदी में मूवी बनाना चाहते थे लेकिन उनके पास डेट्स नहीं थीं. शशि कपूर ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था. मनोज कुमार ने भी फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था.

जब फिल्म बनाई जा रही थी तो जीतेंद्र का मानना था कि फर्ज फ्लॉप हो जाएगी और उसी दौरान बन रही फिल्म ‘बूंद जो बन गए मोती’ ब्लॉकबस्टर होगी लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. यह डायरेक्टर रविकांत नगाइच की भी पहली मूवी थी. फिल्म में जीतेंद्र की डांसिंग स्टाइल को खूब पसंद किया गया. उन्हें ‘जंपिंग जैक’ का नाम मिला. फिल्म के गाने आज भी उतने ही पॉप्युलर हैं. इस मूवी का एक गाना ‘बार-बार दिन ये आए, बार-बार दिल ये गाए, तुम जियो हजारों साल, है मेरी ये आरजू, हैप्पी बर्थडे टू यू’ आज भी हर बर्थडे पार्टी में सुनाई दे जाता है.  इस गाने से जुड़ा एक और किस्सा बेहद दिलचस्प है. इस गाने का मुखड़ा संगीतकार प्यारेलाल ने अपनी पत्नी सुनीला के लिए बनाया था. गाने के बोल थे : हैप्पी बर्थडे सुनीला. इसी गाने को फिल्म के लिए तैयार किया गया और हैप्पी बर्थडे सुनीता कर दिया गया. इस गाने को मोहम्मद रफी ने आवाज देकर अमर कर दिया. 1.2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 2.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट मूवी साबित हुई थी.

सनी देओल की एक फिल्म ‘फर्ज’ 12 जनवरी 2001 में रिलीज हुई थी. डायरेक्शन राज कुमार ने किया था. स्क्रीनप्ले-डायलॉग राजकुमार ने ही लिखे थे. सुनील सैनी ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. उत्तम सिंह की धुनों पर गीत समीर ने लिखे थे. सनी देओल, प्रीति जिंटा, जैकी श्रॉफ और ओमपुरी लीड रोल में थे. यह पहला मौका था जब जैकी श्रॉफ सनी देओल की फिल्म में निगेटिव रोल में थे. 10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 19.92 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक औसत फिल्म साबित हुई थी. फिल्म का एक गाना ‘देखें भी तो क्या देखें तुम्हारे शिवा’ बहुत पॉप्युलर हुआ था.

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