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विजय सेतुपति की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वो पर्दे पर एक्टिंग करते नहीं, बल्कि उस किरदार को जीते हैं. ‘मक्कल सेलवन’ के नाम से मशहूर विजय ने अपनी फिल्मों के जरिए यह साबित कर दिया है कि एक एक्टर अपनी वर्सटाइल एक्टिंग से किसी भी रोल को आइकॉनिक बना सकता है. चाहे वो ‘सुपर डीलक्स’ में ‘शिल्पा’ का चुनौतीपूर्ण किरदार हो या ’96’ में यादों में डूबा हुआ ‘राम’. उन्होंने हर फिल्म में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है.

नई दिल्ली. साउथ सिनेमा के स्टार विजय सेतुपति आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. अपनी सादगी और बेमिसाल अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले विजय ने हर बार साबित किया है कि उनके लिए कोई भी किरदार छोटा या बड़ा नहीं होता. खूंखार विलेन से लेकर ट्रांसजेंडर और एक ईमानदार पुलिसवाले तक, उन्होंने पर्दे पर जो भी रूप धरा, उसमें जान फूंक दी. इस खास दिन पर उनकी उन 7 यादगार फिल्मों पर एक नजर डालते हैं.

सुपर डीलक्स: नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर त्यागराजन कुमारराजा की इस फिल्म में विजय सेतुपति ने अपने करियर की अब तक की सबसे जबरदस्त परफॉर्मेंस दी है. हकीकत से जुड़ी इस कहानी में विजय ने ‘शिल्पा’ नाम की एक ट्रांसजेंडर का किरदार निभाया है. उन्होंने शिल्पा के गुस्से, तड़प और प्यार को उन्होंने पर्दे पर बहुत ही खूबसूरती से उतारा है. (फोटो साभार: IMDb)

सूधु कव्वुम: नलन कुमारस्वामी के डायरेक्शन में बनी इस ब्लैक कॉमेडी-थ्रिलर फिल्म में विजय की एक्टिंग एकदम टॉप क्लास थी. इस हिट फिल्म के साथ विजय ने अपनी कामयाबी की हैट्रिक पूरी की थी. किडनैपर के रोल में विजय सेतुपति ने वाकई की एक्टिंग की थी. (फोटो साभार: IMDb)
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सेतुपति: अरुण कुमार द्वारा निर्देशित इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में विजय ने एक पुलिस वाले का किरदार निभाया है. उनकी ईमानदारी और दिल जीत लेने वाली अदाकारी ने आम जनता के साथ-साथ क्रिटिक्स का भी दिल जीत लिया. हालांकि, इसकी कहानी ‘सिंघम’ जैसी ही लगती है, लेकिन सेतुपति में विजय का किरदार कहीं ज्यादा असली और जमीन से जुड़ा हुआ नजर आता है. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. (फोटो साभार: IMDb)

नानुम राउडी धान: यह एक जबरदस्त कॉमेडी फिल्म है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. विग्नेश शिवन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में नयनतारा के साथ विजय की बेहतरीन परफॉर्मेंस की क्रिटिक्स ने भी जमकर तारीफ की. विजय का किरदार इसमें इतना मजेदार था कि उसने इस फिल्म को एक परफेक्ट फैमिली एंटरटेनर बना दिया.(फोटो साभार: IMDb)

पिज्जा: यह वो फिल्म थी जिसने रातों-रात विजय सेतुपति को स्टार बना दिया. इस फिल्म में उन्होंने दिखाया कि उनकी एक्टिंग की रेंज कितनी जबरदस्त है और उन्हें पर्दे पर देखना किसी ट्रीट से कम नहीं है. कार्तिक सुब्बाराज द्वारा निर्देशित इस फिल्म की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे हिंदी, बंगाली, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी बनाया गया, जिससे विजय को देशभर में पहचान मिली.(फोटो साभार: IMDb)

96: अपनी एक्शन इमेज से एकदम अलग इस फिल्म में विजय सेतुपति ने राम नाम के एक ट्रैवल फोटोग्राफर का किरदार निभाया, जो स्कूल के दिनों की अपनी पुरानी मोहब्बत से सालों बाद मिलता है. पुरानी यादों और अधूरे प्यार को उन्होंने जिस सादगी और गहराई के साथ पर्दे पर उतारा, उसके लिए उनकी हर जगह तारीफ हुई. इसमें तृषा कृष्णन लीड रोल में नजर आई थीं. (फोटो साभार: IMDb)

महाराजा: यह विजय सेतुपति की मास्टरपीस फिल्म है. उन्होंने मूवी में बारबर का किरदार निभाया है, जो अपनी बेटी का बदला लेता है. हिम्मत न हारने वाले पिता के किरदार में विजय की दमदार एक्टिंग की वजह से यह फिल्म बहुत बड़ी सुपरहिट साबित हुई. फिल्म का क्लाइमैक्स ऐसा है कि दर्शक दंग रह गए थे. (फोटो साभार: IMDb)
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