Monday, 20 April 2026
ADVERTISEMENT SPACE (728x90)
Breaking News
Welcome to HindiNewsPro - The premium destination for live news updates. | India launches new satellite. | Gold prices drop slightly today.
Share
Blog

मोहम्मद रफी-किशोर कुमार का वो एवरग्रीन ब्लॉकबस्टर गाना, 46 साल से बना हुआ कल्ट सॉन्ग, सुनकर भी नहीं भरेगा मन


Last Updated:

Kishore Kumar Mohammed Rafi Timeless Duet Songs : वॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार-मोहम्मद रफी के पुराने गाने आज भी तड़पते दिल को ठंडक पहुंचाते हैं. किशोर कुमार मोहम्मद रफी की आवाज का जादू ही ऐसा था. संगीत प्रेमी अक्सर दोनों दिग्गजों के बीच तुलना करते रहते हैं जबकि हकीकत यह है कि दोनों ही महान सिंगर थे. किशोर कुमार लीजेंड रफी साहब का बहुत सम्मान करते थे. रफी साहब उनसे सीनियर भी थे. जब-जब दोनों दिग्ग्ज साथ आए, इतिहास रच दिया. दोनों ने करीब 72 गाने साथ में गाए हैं. मजेदार बात यह है कि दोनों ने 70 के दशक में अमिताभ बच्चन की दो और धर्मेंद्र की एक फिल्म में एकसाथ गाने गाए हैं. तीनों ही गाने सदाबहार साबित हुए. तीनों फिल्में भी सुपरहिट रहीं. ये गाने कौन से हैं, फिल्में कौन सी हैं, आइये जानते हैं…….

‘बने चाहे दुश्मन हमारा, सलामत रहे दोस्ताना हमारा’ 1980 में आई ‘दोस्ताना’ फिल्म के इस गाने को सुनकर मन रोमांचित हो जाता है. कोई सोच भी नहीं सकता कि ‘दोस्ताना’ फिल्म के रिलीज होने से पहले ही रफी साहब इस दुनिया को छोड़कर जा चुके थे. 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफी का निधन हुआ था जबकि दोस्ताना फिल्म अक्टूबर 1980 में रिलीज हुई थी. जब मोहम्मद रफी का निधन हुआ तो किशोर कुमार उनके पैर पकड़कर खूब रोए थे. यह बात किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने एक इंटरव्यू में बताई थी. 70 के दशक में दोनों ने साथ में मिलकर ऐसा जादू बिखेरा कि आज तक संगीत प्रेमी भूल नहीं पाए हैं. किशोर कुमार-मोहम्मद रफी ने 1973-1980 के बीच तीन फिल्मों में सदाबहार युगल गाने गाए हैं. एक गाने का क्रेज आज भी बरकरार है. ये तीनों फिल्में थीं : यादों की बारात, परवरिश और दोस्ताना.

दोस्ताना’ फिल्म का ‘बने चाहे दुश्मन हमारा, सलामत रहे दोस्ताना हमारा’ गाना जब-जब सोशल मीडिया, रील्स, टीवी-रेडियो पर बजता है, मन में एक अलग ही तरह ही फीलिंग आती है. पुराने दोस्ती की यादें दिमाग में ताजा होने लगती है. किशोर कुमार और मोहम्मद रफी ने इस गाने में एकसाथ अपनी आवाज का जादू बिखेरा था. मोहम्मद रफी-किशोर दा जब-जब साथ आए, समां बांध दिया. किशोर दा भी मोहम्मद रफी को बहुत प्यार करते थे.

किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘जब रफी साहब गुजर गए थे तो पिताजी पैर पकड़कर रोए थे. बच्चों की तरह रोए थे. मोहम्मद रफी की बराबरी कोई नहीं कर सकता. वो महान थे. रफी साहब मेरे पिता से चार साल बड़े थे. रफी साहब जब दुनिया से चले गए तो पूरे एक साल तक स्टेज शो में मेरे पिता उन्हें ट्रिब्यूट देते रहे. मंच से उनका एक गाना ‘मन रे तू काहे ना धीर धरे’ गाते थे. साथ ही एक मिनट का मौन भी रखते थे. ‘

Add News18 as
Preferred Source on Google

बात ‘दोस्ताना’ फिल्म की करें तो इसके राइटर सलीम-जावेद थे. करण जौहर के पिता यश जौहर ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह पहली फिल्म थी. यह एक एक्शन ड्रामा फिल्म और लव ट्रायंगल पर बेस्ड थी. अमिताभ बच्चन-शत्रुघ्न सिन्हा दोनों ही जीनत अमान से प्यार कर बैठते हैं. थी जिसमें अमिताभ बच्चन-शत्रुघ्न सिन्हा और जीनत अमान लीड रोल में थे. डायरेक्टर राज खोसला थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार आनंद बख्शी थे. 1980 की यह चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. ‘दोस्ताना’ अमिताभ बच्चन-शत्रुघ्न सिन्हा की लास्ट फिल्म थी, इसके बाद दोनों ने साथ में काम नहीं किया.

किशोर कुमार-मोहम्मद रफी ने 1973 में धर्मेंद्र-विजय अरोड़ा-जीनत अमान स्टारर फिल्म ‘यादों की बारात’ का एक गाना भी मिलकर गाया था. यह गाना दीवानों के दिल में अमर हो गया. इस गाने के बोल थे : ‘यादों की बारात निकली है आज दिल के द्वारे, सपनों की शहनाई बीते दिनों की पुकारे’. गाने की सुरीली धुन आरडी बर्मन ने कंपोज की थी. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी थे. इसी फिल्म का एक और गाना ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ मूवी की पहचान बन गया. इसे आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया था.

‘यादों की बारात’ का निर्देशन-प्रोडक्शन आमिर खान के पिता नासिर हुसैन ने किया था. फिल्म में धर्मेंद्र, विजय अरोड़ा, तारिक खान, जीनत अमान, नीतू सिंह, अजीत और कैप्टन राजू जैसे सितारे थे. फिल्म की स्टोरी सलीम-जावेद ने लिखी थी. फिल्म में ‘खोया-पाया’ का फॉर्मूला आजमाया गया था. फिल्म ने करीब 4.25 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.

मोहम्मद रफी और किशोर कुमार की आवाज का जादू 1997 में आई अमिताभ बच्चन-विनोद खन्ना की फिल्म ‘परवरिश’ में भी देखने को मिला था. फिल्म का एक गाना दोनों ने मिलकर साथ में गाया था. इसके बोल थे : हम प्रेमी, प्रेम करना जाने. मोहम्मद रफी ने विनोद खन्ना को आवाज दी थी तो किशोर कुमार ने अमिताभ बच्चन के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी. गाना हिट हुआ और फिल्म भी सुपरहिट रही. 11 नवंबर 1977 को रिलीज हुई ‘परवरिश’ का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर मनमोहन देसाई थे.

प्रयागराज-केके शुक्ला ने कहानी-स्क्रीनप्ले लिखा था. कादर खान के डायलॉग थे. फिल्म में शम्मी कपूर, विनोद खन्ना, अमिताभ बच्च, नीतू सिंह, शबाना आजमी, कादर खान और अमजद खान लीड रोल में थे. कहानी अमिताभ बच्चन-विनोद खन्ना के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों भाई थे. एक पुलिस ऑफिसर तो दूसरा जुर्म की दुनिया का चतुर खिलाड़ी था. विनोद खन्ना का किरदार निगेटिव था. विनोद खन्ना ने अमिताभ बच्चन को जबर्दस्त टक्कर दी थी. 1.66 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 6.5 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Newswahni

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *