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Sleeping Pillow Types; Sleep Position – Spine Alignment


5 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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रात की नींद तय करती है कि हम अगले दिन कितने प्रोडक्टिव रहेंगे। कई लोग अच्छी नींद के लिए तकिया लगाते हैं। लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि उनके लिए तकिया लगाना सही है या नहीं। यह छोटा-सा फैसला हमारी नींद की क्वालिटी तय करता है।

गलत तकिया लगाने से सुबह गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है, जबकि सही तकिया गहरी और आरामदायक नींद में मदद करता है। सवाल यह है कि क्या हर किसी के लिए तकिया लगाकर सोना सही है?

‘जरूरत की खबर’ में आज जानेंगे कि-

  • तकिया लगाकर सोना सही है या नहीं?
  • किन लोगों को तकिया लगाकर सोना चाहिए?
  • किन लोगों को तकिया नहीं लगाना चाहिए?
  • अपने लिए सही तकिए का चुनाव कैसे करें?

एक्सपर्ट: डॉ. राजुल अग्रवाल, डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- तकिया हमारी नींद को कैसे प्रभावित करता है?

जवाब- तकिया हमारी स्लीप क्वालिटी को सीधे प्रभावित करता है। सही तकिया से आरामदायक और अच्छी नींद आती है, जबकि गलत तकिया नींद खराब कर सकता है और शरीर में दर्द की वजह बन सकता है।

इसका नींद पर 5 तरह से असर होता है-

  1. अगर तकिया सही ऊंचाई और मजबूती का है, तो यह गर्दन और रीढ़ को सीधा रखता है।
  2. सही तकिया लगाने पर बार-बार करवट बदलने की जरूरत नहीं होती, नींद गहरी आती है।
  3. गलत तकिया गर्दन में दर्द, अकड़न का कारण बन सकता है। इससे सुबह थकान महसूस होती है।
  4. तकिया हेड पोजिशन तय करता है। गलत तकिया से बार-बार नींद खुल सकती है।
  5. पुराने या गंदे तकिया में धूल, बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। इससे एलर्जी और सांस की समस्या हो सकती है।

सवाल- रात में तकिया लगाकर सोना सही है या तकिए के बिना?

जवाब- यह सोने की आदत पर निर्भर करता है।

  • ज्यादातर लोगों के लिए तकिया लगाकर सोना बेहतर है।
  • इससे गर्दन और रीढ़ को सपोर्ट मिलता है। इससे स्पाइन अलाइनमेंट न्यूट्रल बना रहता है।
  • अगर पीठ के बल या करवट लेकर सोते हैं तो तकिया लगाना सही है।
  • अगर पेट के बल सोते हैं तो तकिया न लगाना बेहतर है।

सवाल- ‘न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट’ क्या होता है? सोते समय यह क्यों जरूरी है?

जवाब- न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट का मतलब है कि हमारी रीढ़ (स्पाइन) अपने नेचुरल S-शेप कर्व में रहे।

इस S शेप के दौरान रीढ़ की हड्डी के 3 मुख्य कर्व होते हैं-

सर्वाइकल (गर्दन)- हल्का आगे की ओर कर्व।

थोरेसिस (पीठ)- हल्का पीछे की ओर।

लंबर (कमर)- आगे की ओर।

जब हम सीधे बैठते या खड़े होते हैं तो ये कर्व अपनी नेचुरल पोजिशन में रहते हैं। इसे ही ‘न्यूट्रल स्पाइन’ कहते हैं। सोते समय इसके लिए गर्दन पर सपोर्ट की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय तकिया लगाना जरूरी है।

सवाल- सोते समय ‘न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट’ होना क्यों जरूरी है?

जवाब- अगर स्पाइन अलाइनमेंट सही न रहे तो मसल्स और लिगामेंट्स पर दबाव पड़ता है।

  • अगर सोते समय रीढ़ टेढ़ी हो जाए तो मांसपेशियों पर रात भर दबाव पड़ता पड़ता है। इससे सुबह स्टिफनेस, दर्द और थकान होती है।
  • अगर सोते समय प्रॉपर न्यूट्रल अलाइनमेंट न हो तो गर्दन, लोअर बैक और कंधों में दर्द हो सकता है।
  • रीढ़ सीधी न रहने से नर्व्स पर दबाव पड़ता है। इससे ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है।
  • लंबे समय तक गलत स्पाइन अलाइनमेंट में सोने से स्लिप डिस्क और साइटिका हो सकता है।
  • न्यूट्रल अलाइनमेंट से शरीर पर स्ट्रेन नहीं पड़ता। इससे गहरी नींद आती है और सुबह ताजगी महसूस होती है।

ग्राफिक में देखिए, न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट’ क्यों जरूरी है-

सवाल- ‘न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट’ में तकिया कैसे मदद करता है?

जवाब- सोते समय तकिया ‘न्यूट्रल स्पाइन अलाइनमेंट’ में ऐसे मदद करता है-

  • गर्दन को सीधा रखता है।
  • स्पाइनल कर्व को सपोर्ट करता है।
  • स्पाइन की नेचुरल शेप बनी रहती है।
  • गर्दन, कंधे को सपोर्ट करता है।
  • सिर का वेट कंधों पर नहीं पड़ता।
  • मसल्स को सपोर्ट करता है।

सवाल- किन लोगों को तकिया लगाकर सोना चाहिए?

जवाब- करवट और पीठ के बल सोने वालों को सही तकिया लगाकर सोना चाहिए। पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखें-

सवाल- किन लोगों को तकिया लगाना चाहिए?

जवाब- कुछ लोगों को तकिया लगाकर सोने से बचना चाहिए। पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अपने लिए सही तकिए का चयन कैसे करें?

जवाब- सही तकिया चुनना जरूरी है, क्योंकि इससे नींद और रीढ़ दोनों प्रभावित होते हैं। इसके लिए ये बातें ध्यान रखें-

सवाल- गलत तकिया लगाने पर कौन-सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जवाब- गलत तकिया रखने से शरीर की नेक अलाइनमेंट बिगड़ जाती है, जिससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- तकिया लगाते हुए लोग कौन-सी गलतियां करते हैं?

जवाब- तकिया लगाने में लोग कुछ कॉमन गलतियां करते हैं-

  • बहुत ऊंचा तकिया गर्दन को आगे की ओर झुका देता है, जबकि बहुत पतला तकिया सपोर्ट नहीं देता। दोनों ही स्थिति में गर्दन में दर्द हो सकता है।
  • समय के साथ तकिया अपनी शेप और सपोर्ट खो देता है, लेकिन लोग सालों तक वही तकिया इस्तेमाल करते रहते हैं।
  • कई लोग सिर के नीचे कई तकिए लगा लेते हैं, जिससे गर्दन अननेचुरल एंगल पर चली जाती है।
  • तकिया सिर्फ सिर और गर्दन के लिए होता है, उस पर कंधा रखने से अलाइनमेंट बिगड़ जाता है।
  • गंदा तकिया एलर्जी, स्किन प्रॉब्लम्स और सांस से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है।
  • सोने की पोजिशन के हिसाब से तकिया न चुनने से नींद खराब हो सकती है, शरीर में दर्द हो सकता है।

तकिया और नींद से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या छोटे बच्चों के लिए तकिया सही है?

जवाब- शिशुओं की रीढ़ सीधी होती है। इसलिए उन्हें तकिया लगाकर नहीं सुलाना चाहिए।

सवाल- क्या एक से ज्यादा तकिए लगाना सही है?

जवाब- एक साथ ज्यादा तकिए लगाने से सर्वाइकल स्पाइन का अलाइनमेंट बिगड़ सकता है। गलत एंगल मसल्स में स्ट्रेन और स्टिफनेस बढ़ा सकता है।

सवाल- क्या तकिए के मटेरियल से भी फर्क पड़ता है?

जवाब- अच्छी कुशनिंग और सपोर्ट के लिए सही मटेरियल का चुनाव जरूरी है। मेमोरी फोम या कॉटन का तकिया ही बेहतर होता है।

सवाल- क्या पुराना तकिया इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है?

जवाब- समय के साथ तकिया शेप और मजबूती खो देता है। इसमें डस्ट-माइट्स, बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। इससे एलर्जी हो सकती है। साथ ही खराब सपोर्ट गर्दन और कंधों में दर्द पैदा कर सकता है।

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