Last Updated:
करीब दो दशक पहले आई एक फिल्म ने सिनेमाई इतिहास रच दिया था. इसकी कहानी और नायक के स्वैग ने दर्शकों को इस कदर बांधा कि फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. लेकिन सबसे बड़ा झटका पर्दे पर तब लगा, जब क्लाइमैक्स से ठीक पहले हीरो की मौत ने सबको सन्न कर दिया. किसी ने कल्पना नहीं की थी कि सुपरस्टार का अंत ऐसे होगा. हालांकि, आखिरी के 15 मिनट में हुए एक ट्विस्ट ने पूरी बाजी पलट दी और थिएटर्स तालियों से गूंज उठे.
नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी हैं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए. साल 2007 में आई एक सुपरस्टार की फिल्म उन्हीं में से एक है. इस फिल्म ने अपनी कहानी के उस एक चौंकाने वाले मोड़ से दर्शकों को हिला कर रख दिया था, जहां क्लाइमैक्स से ठीक पहले पर्दे पर फिल्म के हीरो की मौत हो जाती है.
हम जिस फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं उसका नाम है ‘शिवाजी: द बॉस’. रजनीकांत के स्टाइल और शंकर के भव्य विजन ने इस फिल्म को एक कल्ट क्लासिक बना दिया. फिल्म की कहानी शिवाजी नाम के एक एनआरआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका से भारत लौटता है ताकि वह अपनी कमाई से देश के गरीबों के लिए मुफ्त अस्पताल और कॉलेज बनवा सके. (फोटो साभार: IMDb)
हालांकि, उसका सामना भ्रष्ट राजनेता आदिशेषन से होता है, जो शिवाजी के रास्ते में हर मुमकिन बाधा डालता है.अंत में आदिशेषन, शिवाजी को कंगाल कर देता है लेकिन वह हार नहीं मानता. वह काले धन को सफेद करने और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए एक अनोखा रास्ता चुनता है, जो अंतत उसे मौत के करीब ले जाता है और फिर उसकी एक नए अवतार में वापसी होती है और. (फोटो साभार: IMDb)
Add News18 as
Preferred Source on Google
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका स्क्रीनप्ले था. कहानी के अंतिम पड़ाव पर विलेन अपनी चाल चलता है, तब एक ऐसा सीन आता है जहां जेल के अंदर पुलिस कस्टडी में शिवाजी की मौत हो जाती है. सिनेमाघरों में बैठे दर्शक उस वक्त पूरी तरह सन्न रह गए थे क्योंकि किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि थलाइवा का किरदार फिल्म के खत्म होने से पहले ही दम तोड़ देगा. लेकिन असली जादू फिल्म के आखिरी 15 से 20 मिनट में शुरू होता है. जब कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आता है और नए अवतार में रजनीकांत की. (फोटो साभार: IMDb)
यह शिवाजी का ही नया रूप था, जिसने गंजे सिर और एक अलग स्वैग के साथ वापसी की. आखिरी के उन 15 मिनटों ने न केवल कहानी को सुपरहिट बनाया, बल्कि सिनेमाघरों को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया था. रजनीकांत ने अपने ताबड़तोड़ एक्शन से फैंस के दिलों को जीत लिया था. (फोटो साभार: IMDb)
‘शिवाजी: द बॉस’ उस समय की सबसे महंगी भारतीय फिल्मों में से एक थी. फिल्म का बजट लगभग 60 से लेकर 80 करोड़ रुपये के बीच बताया जाता है, जो 2007 के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि थी. कमाई के मामले में फिल्म ने इतिहास रच दिया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 150 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रोस कलेक्शन किया था. (फोटो साभार: IMDb)
यह उस दौर की पहली तमिल फिल्म बनी जिसने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर इतनी बड़ी सफलता हासिल की थी. इस फिल्म ने रजनीकांत को वैश्विक स्तर पर एक नया मुकाम दिलाया. आज 19 साल बाद भी शिवाजी द बॉस फिल्म की लोकप्रियता कम नहीं हुई है. जब भी भ्रष्टाचार और सिस्टम के खिलाफ लड़ाई वाली फिल्मों का जिक्र होता है, तो रजनीकांत की इस फिल्म का नाम सबसे ऊपर आता है. (फोटो साभार: IMDb)
बताते चलें कि अगर आपने अभी तक रजनीकांत की ये मूवी नहीं देखी है तो आप इसका ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर लुत्फ उठा सकते हैं. आईएमडीबी पर मूवी को 7.6 रेटिंग मिली है. फिल्म में श्रिया सरन ने हीरोइन का रोल निभाया था. सुमन, विवेक और रघुवरन जैसे सितारे भी फिल्म का हिस्सा थे. (फोटो साभार: IMDb)
Leave a Reply