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- Holi 2026; Festive Emergency Safety Kit Essentials List | First Aid Treatment
52 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी
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होली में लोग जमकर रंग-गुलाल खेलते हैं और अपनों के साथ मिलकर इस त्योहार का जश्न मनाते हैं। ये पर्व मस्ती-मजाक और हंसी-खुशी का है। ऐसे में सबकुछ करिए, लेकिन इस दौरान सावधानियां जरूर बरतिए। दरअसल त्योहार के दौरान भीड़भाड़ में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का सबब हो सकती है। जैसेकि–
- रंगों से एलर्जी हो सकती है।
- फिसलकर चोट लग सकती है।
- बदलते मौसम में भीगने से अचानक तबीयत बिगड़ सकती है।
- ऐसी स्थितियां त्योहार का मजा खराब कर सकती हैं।
हालांकि, अगर पहले से तैयारी कर ली जाए तो इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में काम आती है फेस्टिव सेफ्टी किट। यह एक छोटी, लेकिन बेहद काम की तैयारी है, जिसमें जरूरी मेडिकल और सेफ्टी आइटम्स रखे जाते हैं, ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके।
आज ‘जरूरत की खबर’ में ‘फेस्टिव सेफ्टी किट’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- इस किट में क्या-क्या होना चाहिए?
- इसका इस्तेमाल कैसे करना है?
- ये क्यों जरूरी है और अगर ये न हो तो क्या हो सकता है?
एक्सपर्ट: डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- ‘फेस्टिव सेफ्टी यूटिलिटी किट’ क्या है और यह क्यों जरूरी है?
जवाब- फेस्टिव इमरजेंसी यूटिलिटी किट एक छोटा-सा बॉक्स या बैग है, जिसमें होली के दौरान जरूरी सेफ्टी और मेडिकल एसेंशियल्स रखे जाते हैं। ये किट घर में ऐसी जगह रखी जानी चाहिए, जहां से जरूरत पड़ने पर तुरंत मिल सके।
होली में सिंथेटिक रंगों से और रंग लगाने के दौरान भागदौड़ से चोट का खतरा बढ़ जाता है। अगर ये किट पहले से तैयार हो तो छोटी-मोटी चोट, जलन जैसी समस्याओं से तुरंत निपटा जा सकता है।
सवाल- सेफ्टी किट में क्या-क्या सामान होना चाहिए?
जवाब- इस किट में 10 जरूरी चीजें होनी चाहिए, जो अलग-अलग तरह की इमरजेंसी में काम आती हैं। डिटेल ग्राफिक में देखिए-

इन सभी चीजों के बारे में विस्तार से समझें-
फर्स्ट एड और हेल्थ किट
बैंड-एड, एंटीसेप्टिक लिक्विड, पेन रिलीवर स्प्रे/जेल और डिजिटल थर्मामीटर (मूल्य: 200–500 रुपए)
- कब यूज करें: चोट लगने पर एंटीसेप्टिक लगाकर बैंड-एड लगाएं। दर्द होने पर स्प्रे/जेल इस्तेमाल करें। बुखार होने पर बॉडी टेम्परेचर मापें।
- क्यों जरूरी: हल्की चोट और दर्द में तुरंत राहत मिलती है। इंफेक्शन से बचाव होता है।
आई केयर
ल्युब्रिकेटिंग आई ड्रॉप (मूल्य: 100-300 रुपए)
- कब यूज करें: आंखों में जलन या ड्राईनेस होने पर 1-2 बूंद डालें।
- क्यों जरूरी: रंग, धूल या धुएं से होने वाली जलन से राहत मिलती है।
एलर्जी से बचाव
एंटी-एलर्जिक दवाएं (मूल्य: 50–200 रुपए)
- कब यूज करें: खुजली, छींक या रिएक्शन होने पर डॉक्टर की सलाह से लें।
- क्यों जरूरी: रंगों या धूल से होने वाली एलर्जी को कंट्रोल करती हैं।
स्किन केयर
कोकोनट ऑयल, एंटी-फंगल पाउडर/क्रीम (मूल्य: 50-150 रुपए)
- कब यूज करें: स्किन ड्राई हो या स्किन में इरिटेशन हो तो नारियल तेल लगाएं। फंगल इंफेक्शन में डॉक्टर से पूछकर क्रीम/पाउडर लगाएं।
- क्यों जरूरी: स्किन को सुरक्षित रखता है। रैशेज और इंफेक्शन से बचाव करता है।
हाइड्रेशन किट
ORS पैकेट (मूल्य: 50-100 रुपए)
- कब यूज करें: कमजोरी या डिहाइड्रेशन महसूस हो तो पानी में घोलकर पिएं।
- क्यों जरूरी: शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है।
क्लीनअप एसेंशियल
माइक्रोफाइबर टॉवल (मूल्य: 50-150 रुपए)
- कैसे यूज करें: रंग साफ करने या चेहरा/हाथ सुखाने के लिए इस्तेमाल करें।
- क्यों जरूरी: स्किन पर कम रगड़ पड़ती है, आसानी से सफाई हो जाती है।
इमरजेंसी कॉन्टैक्ट
- जरूरी नंबरों की लिस्ट: किसी भी तरह की इमरजेंसी में लिस्ट में लिखे नंबरों पर तुरंत कॉल कर सकते हैं।
- क्यों जरूरी: इमरजेंसी में समय बचता है और जल्दी मदद मिलती है।
सवाल- इमरजेंसी मेडिकल किट कैसे तैयार करें?
जवाब- लिस्ट बनाकर मेडिकल स्टोर से पूरी खरीदारी करें। एक चेकलिस्ट बनाएं और हर आइटम क्रॉस-चेक करें। बच्चों और बुजुर्गों की दवाइयां पहले नोट करें। किट को ऐसी जगह रखें, जहां सबकी पहुंच हो, जैसे लिविंग रूम के शेल्फ में। हर त्योहार से पहले किट चेक करें। एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां हटाएं।

सवाल- मेडिकल इमरजेंसी किट के इस्तेमाल में किन गलतियों से बचना चाहिए?
जवाब- किट को सही तरीके से यूज करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है गलतियां न करना। आइए, ग्राफिक से समझें।

सवाल- क्या ये किट हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है?
जवाब- हां, ये किट बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए सुरक्षित है। बस, बच्चों को सेफ्टी ग्लास (चश्मा) और ईयर मफ्स जरूर पहनाएं। बुजुर्गों की दवाइयां पहले से चेक करें। अगर किसी को चोट या जलन ज्यादा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सामान्य थकान या छोटी चोटों के लिए ये किट बिल्कुल सही है।
सवाल- किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए?
जवाब- कुछ स्थितियों में तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल जाना चाहिए। जैसेकि-
- अगर रंग से इंफेक्शन होने पर जलन ज्यादा हो रही हो।
- सांस लेने में तकलीफ हो।
- चक्कर आए।
- चोट से खून ज्यादा निकले।
ऐसे में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट लिस्ट भी काम आएगी। छोटी-मोटी चोट को फर्स्ट एड से हैंडल करें। लेकिन अगर 24 घंटे बाद भी दर्द या सूजन कम न हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
सवाल- क्या घरेलू तरीकों से भी इमरजेंसी में राहत मिल सकती है?
जवाब- हां, कुछ आसान घरेलू उपाय भी काम आ सकते हैं। आइए, ग्राफिक से समझें।

सवाल- ये किट सिर्फ होली के लिए है या बाद में भी यूज हो सकती है?
जवाब- ये किट हर मौके पर काम आती है, चाहे होली हो, न्यू ईयर हो या कोई फैमिली गेट-टुगेदर हो। फर्स्ट एड, फायर सेफ्टी और टूल किट रोजमर्रा की जरूरतों में भी यूजफुल हैं। बस हर 6 महीने में दवाइयों की एक्सपायरी चेक करें।
सवाल- परिवार को सेफ्टी के लिए कैसे तैयार करें?
जवाब- होली से पहले परिवार के साथ एक ‘सेफ्टी मीटिंग’ कर सकते हैं। इसमें सबको किट के बारे में बताएं। इसे यूज करने की पूरी गाइडलाइंस दें।

सवाल- अगर किट तैयार नहीं की तो क्या रिस्क हो सकते हैं?
जवाब- बिना किट के छोटी-सी चोट रंग और धूल के संपर्क में आकर बड़े इंफेक्शन की वजह बन सकती है। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर रिस्क में होते हैं। एक बार की तैयारी सालभर की टेंशन खत्म करती है। हर त्योहार में यह किट काम आएगी।
सवाल- इस किट से होली को कैसे और मजेदार बनाएं?
जवाब- इस किट को तैयार करना सिर्फ सेफ्टी के लिए नहीं, बल्कि निश्चिंत होकर त्योहार मनाने के लिए है। जब आप जानते हैं कि हर इमरजेंसी का जवाब आपके पास है, तो रंग खेलने का मजा दोगुना हो जाता है। इस बार शॉपिंग लिस्ट में मिठाइयों और रंगों के साथ इस किट को भी शामिल करें।
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