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Char Purushartha Book Review; Dharma Artha Kama Moksha


19 घंटे पहले

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किताब- चार पुरुषार्थ

लेखक- हेक्टर गार्सिया और फ्रांसेस्क मिरालेस

अनुवादक- आशुतोष गर्ग

प्रकाशक- मंजुल पब्लिकेशन

मूल्य- 399 रुपए

‘इकिगाई’ किताब से दुनिया भर के लोगों को लंबी और खुशहाल जिंदगी का राज बताने वाले लेखक हेक्टर गार्सिया और फ्रांसेस्क मिरालेस अब भारत की प्राचीनता की ओर मुड़े हैं। उनकी नई किताब ‘चार पुरुषार्थ’ हिंदू दर्शन के उन चार लक्ष्यों पर आधारित है, जिन्हें हर इंसान की जिंदगी का आधार माना जाता है- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। ये चार पुरुषार्थ हमें बताते हैं कि जिंदगी को कैसे संतुलित तरीके से जिया जाए, ताकि न सिर्फ सफलता मिले, बल्कि शांति और मतलब भी मिले।

लेखक भारत के कई बार दौरे कर चुके हैं। इकिगाई किताब भारत में सबसे ज्यादा बिकी, जिससे उन्हें यहां की आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा लगाव हो गया। वे कहते हैं कि भारत में विविधता इतनी है कि पूरी दुनिया की आध्यात्मिकता यहां मिल जाती है। इस किताब में वे भारतीय परंपराओं से प्रेरित होकर बताते हैं कि आधुनिक जिंदगी की भागदौड़ में भी इन चार पुरुषार्थों को अपनाकर हम तनाव से मुक्त हो सकते हैं और अपनी क्रिएटिविटी भी जगा सकते हैं।

किताब क्या कहती है?

आधुनिक जिंदगी में इतने अधिक विकल्प हैं कि हम अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि हम सही रास्ते पर हैं या नहीं। ‘चार पुरुषार्थ’ किताब हमें एक पुराना लेकिन पावरफुल फ्रेमवर्क देती है- हिंदू दर्शन के चार लक्ष्य। ये हमें बताते हैं कि जिंदगी सिर्फ पैसे कमाना या मजे करना नहीं, बल्कि सद्गुण, समृद्धि, प्रेम और मुक्ति का संतुलन है।

किताब में लिखा है कि अगर आप इन चारों चीजों को अपनी जिंदगी में बैलेंस करेंगे, तो इंस्पिरेशन, सुंदरता, शांति और बड़े मायनों से भरी जिंदगी जी सकते हैं। अगर आपको अपना उद्देश्य पता है, तो ये किताब उसे जीने का ब्लूप्रिंट देती है। अगर नहीं पता, तो खुद को बेहतर समझने के टूल्स देती है।

ये किताब क्यों है इतनी खास?

इकिगाई ने हमें जापानी तरीके से लंबी जिंदगी जीना सिखाया, अब चार पुरुषार्थ भारतीय तरीके से बड़े मायनों वाली जिंदगी जीना सिखाती है। लेखक भारत की विविध आध्यात्मिक परंपराओं से उदाहरण लेकर बताते हैं कि कैसे-

  • धर्म- दुनिया को आपसे क्या चाहिए।
  • अर्थ- जिंदगी जीने के लिए क्या जरूरी।
  • काम- जो आप करना पसंद करते हैं।
  • मोक्ष- आपका असली स्वरूप।

इन सबको अपनाकर हम खुश और सफल हो सकते हैं।

खास बात ये है कि किताब आसान भाषा में लिखी गई है, जैसे कोई दोस्त आपको समझा रहा हो। लेखक अपनी भारत यात्राओं की कहानियां शेयर करते हैं, जो किताब को और रिलेवेंट बनाती हैं।

अब इन चारों को थोड़ा और विस्तार से समझिए, क्योंकि ये सिर्फ किताबी बातें नहीं, जिंदगी की सच्चाई हैं।

धर्म- दुनिया को आपसे क्या चाहिए, ये समझो

जिंदगी में कई बार लगता है कि हम बस भागे जा रहे हैं, लेकिन क्यों? किताब कहती है कि धर्म यानी अपना असली कर्तव्य समझना। ये वो है जो दुनिया को आपसे चाहिए। जैसे कोई टीचर बनना चाहता है क्योंकि उसे पढ़ाना पसंद है और समाज को अच्छे शिक्षक चाहिए।

क्या करें?

अपने अंदर झांकें, क्या काम करते समय आपको सबसे ज्यादा सुकून मिलता है? रोज छोटे-छोटे कामों में ईमानदारी और अच्छाई अपनाएं।

अर्थ- जिंदगी चलाने के लिए जरूरी समृद्धि

पैसे के बिना जिंदगी मुश्किल हो जाती है। अर्थ यानी वो समृद्धि जो आपको, आपके परिवार और समाज को सपोर्ट करे। लेकिन किताब चेताती है कि सिर्फ पैसे के पीछे भागना गलत है, इसे धर्म के साथ बैलेंस करें।

क्या करें?

अपनी जरूरतों को पहचानें, स्मार्ट प्लानिंग करें। लेकिन लालच न करें, जो काफी है उसे संतोष मानें।

काम- जो आप पसंद करते हैं, उसे एंजॉय करें

काम यानी इच्छाएं, प्रेम, सेंसुअल खुशियां। किताब कहती है कि इच्छाओं को दबाना नहीं, उन्हें सही तरीके से पूरा करना। लेकिन धर्म और अर्थ को नुकसान पहुंचाए बिना। जैसे अच्छा खाना, संगीत, प्यार- ये सब जिंदगी का हिस्सा हैं।

क्या करें?

रोज छोटी-छोटी खुशियां ढूंढें, किसी से बात करें, प्रकृति में टहलें। इच्छाओं को जज न करें, बस बैलेंस रखें।

मोक्ष- असली आजादी और खुद को जानना

अंत में मोक्ष- यानी मुक्ति। सारे तनाव, डर और बंधनों से आजाद होना। अपना असली स्वरूप समझना। किताब कहती है कि जब धर्म, अर्थ और काम बैलेंस हो जाते हैं, तो मोक्ष खुद आता है।

क्या करें?

मेडिटेशन करें, योगा अपनाएं। खुद से सवाल करें, मैं कौन हूं? वर्तमान में जिएं।

प्रेरणादायक है किताब

किताब सरल और प्रेरणादायक है। लेखक अपनी व्यक्तिगत कहानियां शेयर करते हैं- जैसे मिरालेस की पहली भारत यात्रा ने उनकी जिंदगी कैसे बदल दी। वे जापानी और भारतीय संस्कृति की समानताएं बताते हैं। हर चैप्टर में प्रैक्टिकल एक्सरसाइज हैं, जो आप आज ही आजमा सकते हैं।

इसे क्यों पढ़ें?

आसान और दिल छूने वाली- पढ़ते समय लगता है जैसे लेखक आपके सामने बैठकर बता रहे हों। भारत की यात्राओं की कहानियां मजेदार हैं।

प्रैक्टिकल टिप्स दिए गए हैं। छोटे-छोटे बदलाव करने से बड़ी शांति मिलेगी। किताब सबको कुछ-न-कुछ सिखाती है।

भारतीय ज्ञान का सम्मान करती है किताब

ये किताब भारत की प्राचीनता को दुनिया के सामने सम्मान के साथ पेश करती है। लेखक कहते हैं कि संस्कृतियां मिलती हैं तो नई चीजें पैदा होती हैं। अगर आप भी सोचते हैं कि जिंदगी में कुछ कमी है, कुछ और मतलब चाहिए, तो ‘चार पुरुषार्थ’ आपके लिए है। ये आपको बताएगी कि मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन इन चार रास्तों से आप उन्हें पार कर खुशहाल और मतलब वाली जिंदगी जी सकते हैं। आज ही पढ़ें, ताकि कल पछतावा न हो।

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