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अगर आप वीकेंड को मजेदार बनाना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की इन 8 एवरग्रीन कॉमेडी फिल्मों से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. ये वो फिल्में हैं जो समय के साथ और भी ज्यादा निखरती गई हैं और आज भी इन्हें देखते वक्त हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है. चाहे वो बाबूराव के अतरंगी डायलॉग्स हों या क्राइम मास्टर गोगो की कॉमेडी, इन फिल्मों का हर सीन मास्टरपीस है. खासकर तीसरे नंबर वाली फिल्म तो ऐसी है जिसका क्रेज आज भी कम नहीं हुआ है और वह हर जनरेशन की पहली पसंद बनी हुई है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कॉमेडी का अपना एक अलग ही स्वैग रहा है. व्यंग्य से लेकर हंसी-मजाक और देसी अंदाज वाले किरदारों तक, हमारी फिल्मों ने हर दौर में दर्शकों को लोटपोट किया है. कुछ फिल्में तो ऐसी हैं जिन्हें देखते हुए हम बड़े हुए और उनके डायलॉग्स आज भी हमारी बातचीत का हिस्सा हैं. चाहे वो सिस्टम पर चोट करने वाली फिल्में हों या बिना दिमाग लगाए हंसाने वाली स्लैपस्टिक कॉमेडी, बॉलीवुड के इन नगीनों ने साबित किया है कि हंसना ही सबसे बड़ी थेरेपी है. चलिए नजर डालते हैं उन 8 कल्ट क्लासिक कॉमेडी फिल्मों पर, जो आज भी उतनी ही फ्रेश लगती हैं.
अंदाज अपना अपना: अमर और प्रेम नाम के दो आवारा लड़के एक अमीर वारिस का दिल जीतने की होड़ में लगे हैं, लेकिन इसी बीच उनकी भिड़ंत क्राइम मास्टर गोगो से हो जाती है. रिलीज के वक्त यह फिल्म फ्लॉप रही थी, लेकिन इसके अतरंगी किरदारों और तेजा मैं हूं, मार्क इधर है जैसे डायलॉग्स ने इसे बाद में कल्ट फिल्म बना दिया. आज यह फिल्म कॉमेडी पसंद करने वालों की पहली पसंद है. (फोटो साभार: IMDb)
जाने भी दो यारो: यह फिल्म डार्क सटायर (व्यंग्य) का बेहतरीन नमूना है. कहानी दो फोटोग्राफरों की है जो अनजाने में एक मर्डर के गवाह बन जाते हैं. फिल्म बड़े ही मजाकिया अंदाज में सिस्टम के भ्रष्टाचार और लालफीताशाही की पोल खोलती है. इसका क्लाइमैक्स यानी महाभारत वाला नाटक, आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे फनी सीन्स में गिना जाता है. अगर आपने यह फिल्म नहीं देखी, तो समझो कुछ बहुत बड़ा मिस कर दिया है. (फोटो साभार: IMDb)
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हेरा फेरी: मलयालम फिल्म की इस रीमेक ने भारत में स्लैपस्टिक कॉमेडी को फिर से जिंदा कर दिया. कहानी एक मकान मालिक और उसके दो किराएदारों की है, जिनके पास गलती से एक फिरौती वाला फोन आ जाता है. फिल्म की जान बाबूराव गणपतराव आप्टे का किरदार है, जिसे परेश रावल ने अमर कर दिया. अक्षय, सुनील और परेश की तिकड़ी ने जो कमाल यहां किया, वो बॉलीवुड में दोबारा नहीं दिखा. इस मूवी को लेकर अलग लेवल का क्रेज है. (फोटो साभार: IMDb)
3 इडियट्स: इंजीनियरिंग के तीन दोस्तों की यह कहानी भारत के एजुकेशन सिस्टम पर करारा तंज कसती है, लेकिन बड़े ही मजेदार अंदाज में. फिल्म दिखाती है कि कैसे डिग्री के पीछे भागने के बजाय काबिलियत के पीछे भागना जरूरी है. इसमें इमोशन्स और कॉमेडी का ऐसा जबरदस्त बैलेंस है कि यह हर स्टूडेंट की ऑल टाइम फेवरेट बन गई. ‘ऑल इज वेल’ का मंत्र तो आज भी लोगों की जुबान पर रहता है. (फोटो साभार: IMDb)
मुन्ना भाई एमबीबीएस: एक गुंडा अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए डॉक्टर बनने के लिए ठान लेता है, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के नियम और मुन्ना भाई के भाईगिरी वाले अंदाज के बीच जो टकराव होता है, वो आपको हंसने पर मजबूर कर देगा. इसी फिल्म ने लोगों को जादू की झप्पी जैसा प्यारा शब्द दिया. मुन्ना और सर्किट की जोड़ी आज भी सबकी फेवरेट है. (फोटो साभार: IMDb)
धमाल: चार निठल्ले दोस्त और एक छिपा हुआ खजाना, यही इस फिल्म की जान है. जब एक मरता हुआ चोर उन्हें बड़े डब्लू के नीचे दबे करोड़ों रुपयों का पता बताता है, तो शुरू होती है एक पागलों वाली रेस. जावेद जाफरी का बचपना और हवाई जहाज का लाल बटन वाला सीन आज भी लोगों को लोटपोट कर देता है. यह फिल्म बिना किसी हीरोइन के भी फुल एंटरटेनमेंट का पैकेज है. (फोटो साभार: IMDb)
वेलकम: एक शरीफ आदमी को ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है, जिसके भाई अंडरवर्ल्ड के खतरनाक डॉन हैं और अपनी बहन की शादी के लिए उतावले हैं. मजनू भाई और उदय शेट्टी के किरदारों ने इस फिल्म को अमर बना दिया है. फिल्म की सिचुएशनल कॉमेडी और कलाकारों की टाइमिंग इतनी सटीक है कि आप इसे जितनी बार भी देखें, हर बार उतनी ही जोर से हंसी आती है. (फोटो साभार: IMDb)
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