18 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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1 अप्रैल 2026 से देश के कई राज्यों में जनगणना शुरू हो चुकी है। इसका पहला फेज 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरान हाउस लिस्टिंग, सेल्फ एन्यूमरेशन (ऑनलाइन जनगणना) और घर-घर जाकर डेटा कलेक्ट किया जाएगा। इसके लिए जनगणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) आपके घर आएंगे और उनके पास सवालों की लंबी लिस्ट होगी।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ऐसी आशंका जता रहे हैं कि स्कैमर्स जनगणना के नाम पर ठगी कर सकते हैं। इसलिए जनगणना की सही प्रक्रिया समझना जरूरी है।
आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम जनगणना का सही प्रोसेस समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- स्कैमर्स जनगणना के नाम कैसे चूना लगा सकते हैं?
- जनगणना के दौरान क्या सावधानियां जरूरी हैं?
- अगर स्कैम का शक हो तो क्या करें?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- जनगणना के नाम पर स्कैम कैसे हो सकता है?
जवाब- जनगणना प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना सकते हैं। वे खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर कॉल, मैसेज या फर्जी लिंक से पर्सनल डिटेल्स चुरा सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए ठग कौन-से तरीके अपना सकते हैं-

सवाल- जनगणनाकर्मी घर आकर क्या सवाल पूछेंगे?
जवाब- गृह मंत्रालय ने जनगणना में पूछे जाने वाले सभी सवालों की लिस्ट जारी की है। इसे नीचे देखिए-
मकान से जुड़े सवाल
- मकान/भवन नंबर क्या है?
- जनगणना मकान नंबर क्या है?
- मकान का फर्श किस मटीरियल का है?
- दीवार किस मटीरियल की है?
- छत किस मटीरियल से बनी है?
- मकान का उपयोग (रहने/दुकान आदि) किसलिए किया जाता है?
- मकान की स्थिति कैसी है?
परिवार से जुड़े सवाल
- फैमिली नंबर (परिवार क्रमांक) क्या है?
- परिवार में कुल कितने सदस्य हैं?
- परिवार के मुखिया का नाम क्या है?
- परिवार के मुखिया का जेंडर क्या है?
- परिवार किस वर्ग में आता है (SC/ST/अन्य)?
- मकान किराए का है या खुद का है?
- घर में कुल कितने कमरे हैं?
- परिवार में शादीशुदा जोड़ों की संख्या कितनी है?
सुविधाओं से जुड़े सवाल
- पीने के पानी का मुख्य सोर्स क्या है?
- क्या पीने का पानी घर में उपलब्ध है?
- बिजली का मुख्य सोर्स क्या है?
- क्या घर में शौचालय है?
- शौचालय का टाइप क्या है?
- गंदे पानी की निकासी कैसे होती है?
- क्या घर में बाथरूम है?
- क्या घर में रसोई और LPG/PNG कनेक्शन है?
- खाना पकाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल करते हैं?
डिजिटल और सामान से जुड़े सवाल
- क्या घर में रेडियो/ट्रांजिस्टर है?
- क्या घर में टेलीविजन है?
- क्या घर में इंटरनेट सुविधा है?
- क्या घर में लैपटॉप/कंप्यूटर है?
- क्या घर में मोबाइल/स्मार्टफोन है?
वाहन और अन्य जानकारी
- क्या घर में साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड है?
- क्या घर में कार/जीप/वैन है?
- घर में मुख्य रूप से कौन सा अनाज इस्तेमाल होता है?
- आपका मोबाइल नंबर क्या है?
सवाल- जनगणनाकर्मी कौन से सवाल नहीं पूछ सकते?
जवाब- जनगणनाकर्मी आपकी फाइनेंशियल, बैंकिंग और पर्सनल डिटेल्स नहीं मांग सकते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए जनगणनाकर्मी कौन सी डिटेल्स नहीं पूछ सकते हैं-

सवाल- किस प्रदेश में कब से जनगणना शुरू होगी?
जवाब- अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण आयोजित किया जाएगा। इसमें पहले सेल्फ एन्यूमरेशन और फिर घर-घर जाकर डेटा कलेक्शन किया जाएगा। नीचे ग्राफिक में प्रमुख राज्यों की तारीखें देखिए-

सवाल- अगर कोई व्यक्ति घर आकर खुद को जनगणनाकर्मी बताए तो उसकी पहचान कन्फर्म कैसे करें?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-
- जनगणनाकर्मी का ऑफिशियल ID कार्ड देखें।
- इसमें नाम, फोटो, पद और विभाग की जानकारी होगी।
- ID पर सरकारी मुहर/लोगो साफ दिखना चाहिए।
- बिना ID के किसी को जानकारी न दें।
ऐसे करें स्कैमर का पहचान
- फर्जी जनगणनाकर्मी ID दिखाने से बचेगा या बहाने बनाएगा।
- वह पैसे, OTP या बैंक डिटेल्स मांगेगा।
- जल्दबाजी करेगा या दबाव बनाएगा।
- सरकारी एप की जगह कागज/डायरी या अनजान एप पर डिटेल दर्ज करेगा।
- संदिग्ध लिंक या QR कोड स्कैन करने को कहेगा।
- अजीब या गैर-जरूरी सवाल (जैसे बैंक बैलेंस, पासवर्ड) पूछेगा।
- ध्यान रखें, कर्मचारी सरकारी एप में डिटेल्स दर्ज करेंगे।
सवाल- अगर जनगणनाकर्मी पर्सनल-फाइनेंशियल सवाल पूछे और उसकी पहचान संदिग्ध लगे तो तुरंत क्या कदम उठाएं?
जवाब- ऐसी स्थिति में-
- जानकारी मांगने वाले व्यक्ति की आईडी वेरिफाई करें।
- जानकारी देने से साफ मना करें।
- व्यक्ति को घर के अंदर न आने दें।
- शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
- फोटो, वीडियो और व्यक्ति की डिटेल्स नोट करें।
- कॉल/मैसेज/लिंक का स्क्रीनशॉट लें।
- आसपास के लोगों को भी सतर्क करें।

सवाल- जनगणना के दौरान लोग क्या गलतियां कर सकते हैं?
जवाब- जनगणना के समय छोटी लापरवाहियां ठगी का शिकार बना सकती हैं। नीचे कॉमन गलतियां देखिए-
गलती-1
बिना वेरिफिकेशन के जनगणनाकर्मी पर भरोसा करना।
क्या करें- सिर्फ सरकारी ID दिखाने वाले कर्मचारी को ही जानकारी दें।
गलती-2
ये मानना कि जनगणनाकर्मी के हर सवाल का जवाब देना है।
क्या करें- केवल जनगणना से जुड़े सवालों के ही जवाब दें।
गलती-3
‘डेटा अपडेट’ या ‘वेरिफिकेशन के नाम पर OTP देना।
क्या करें- OTP, PIN या पासवर्ड किसी से शेयर न करें।
गलती-4
‘रजिस्ट्रेशन फीस’ या ‘चार्ज’ के नाम पर पैसे देना।
क्या करें- जनगणना पूरी तरह मुफ्त है, भुगतान न करें।
गलती-5
फर्जी लिंक पर क्लिक करना/एप डाउनलोड करना।
क्या करें- केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही जानकारी भरें। अनजान लिंक और एप पर क्लिक न करें।
गलती-6
असली प्रक्रिया और नियम की जानकारी न होना।
क्या करें- आधिकारिक सोर्सेस से जनगणना की प्रक्रिया और सभी सवालों की जानकारी लें।
गलती-7
बिना जांचे किसी को घर के अंदर आने देना।
क्या करें- पहचान वेरिफाई करने के बाद ही उसके सवालों के जवाब दें।
गलती-8
जल्दबाजी या दबाव में आकर जानकारी देना।
क्या करें- आराम से सोचकर जवाब दें, दबाव में न आएं।
गलती-9
संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज करना।
क्या करें- शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
सवाल- जनगणना में दी गई जानकारी किसलिए होती है? क्या यह सुरक्षित रहती है?
जवाब- देश की जनसंख्या, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की सही तस्वीर समझने के लिए सरकार इन जानकारियों का इस्तेमाल करती है।
- इसी डेटा के आधार पर नीतियां बनती हैं, बजट तय होता है और योजनाएं लागू होती हैं।
- जहां तक सुरक्षा की बात है, जनगणना का डेटा कानूनी रूप से गोपनीय रखा जाता है।
- इसे किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।
- ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ के तहत आपकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक या किसी अन्य एजेंसी के साथ शेयर नहीं की जा सकती है।
सवाल- क्या जनगणना में ऑनलाइन हिस्सा ले सकते हैं? इसका सही तरीका क्या है?
जवाब- हां, जनगणना 2027 में ऑनलाइन हिस्सा ले सकते हैं। इसे ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ कहा जाता है। यह वैकल्पिक सुविधा है, जिससे आप घर बैठे जानकारी भर सकते हैं। इसका सही तरीका समझिए-
- आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाएं।
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
- स्क्रीन पर दिए गए विकल्प से राज्य और लोकेशन चुनें/मैप पर लोकेट करें।
- परिवार और घर से जुड़ी जरूरी जानकारी सही-सही भरें।
- जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
- सबमिट करने के बाद सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी।
- जब जनगणनाकर्मी घर आए तो सिर्फ SE ID दिखानी होगी। दोबारा पूरी जानकारी देने की जरूरत नहीं है।
सवाल- अगर जनगणना के नाम पर स्कैम का शक हो तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।
- परिवार और पड़ोसियों को सतर्क करें।
- फोटो/वीडियो और अन्य जानकारी संभालकर रखें।
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ठग चारधाम यात्रा के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। ये एकदम ऑफिशियल पोर्टल जैसी दिखती है। लोग बिना जांचे इन साइट्स पर अपनी डिटेल्स भरते हैं और ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ के नाम पर पैसे गंवा देते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

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