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‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो’ की ‘लाली’ तो आपको याद ही होगी. हम रतन राजपूत की बात कर रहे हैं, जिन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर अभिनय को चुना. नेशनल टीवी पर ‘स्वयंवर’ और ‘बिग बॉस’ जैसे शोज के जरिए वे सुर्खियों में रहीं, लेकिन शोबिज के कड़वे अनुभवों के बाद उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली. कोरोना काल के दौरान वे अपने गांव लौट गईं और अब एक सादा, आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं. फिलहाल, वे यूट्यूब के जरिये अपनी गांव की जीवनशैली से जुड़ी हुई हैं.

एक्ट्रेस ने कई सीरियलों में काम किया है.
नई दिल्ली: टीवी की दुनिया में कई सितारे आते हैं और छा जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो शोहरत के शिखर पर पहुंचकर अचानक गायब हो जाते हैं. ऐसी ही एक कहानी है रतन राजपूत की, जिन्हें आज भी लोग ‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो’ की ‘लाली’ के नाम से याद करते हैं. बिहार के पटना में जन्मी रतन ने जब एक्टिंग में करियर बनाने की सोची, तो उनका परिवार बिल्कुल खिलाफ था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बगावत कर दिल्ली में थिएटर सीखा. मुंबई आने के बाद उन्होंने कड़ा संघर्ष किया और ‘लाली’ बनकर हर घर में अपनी पहचान बना ली. रतन ने न केवल सीरियल्स में नाम कमाया, बल्कि नेशनल टीवी पर अपना ‘स्वयंवर’ रचाकर पूरे देश को चौंका दिया था. शो ‘रतन का रिश्ता’ में उन्होंने अभिनव शर्मा को अपना हमसफर चुना और सगाई भी की, हालांकि बाद में यह रिश्ता टिक नहीं पाया और टूट गया.
रतन की जिंदगी में विवाद और चुनौतियां भी कम नहीं रहीं. साल 2013 में वे ‘बिग बॉस’ में दिखीं, जहां उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीता. लेकिन टीवी से उनकी विदाई काफी चौंकाने वाली थी. बताया जाता है कि ‘संतोषी मां’ के सेट पर हुए कुछ कड़वे अनुभवों और कथित शोषण की वजह से उन्होंने इंडस्ट्री से किनारा कर लिया. फिर जब कोरोना महामारी आई, तो रतन वापस अपने गांव लौट गईं. ग्लैमर की चकाचौंध को पीछे छोड़कर उन्होंने मिट्टी से जुड़ना बेहतर समझा. गांव में उन्होंने खेती-बाड़ी की, चूल्हे पर खाना बनाया और खुद को एक नए अवतार में ढाला. उनके इस सादगी भरे अंदाज ने साबित कर दिया कि एक कलाकार सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी किसी भी माहौल में ढल सकता है.
एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं रतन राजपूत
आजकल रतन राजपूत भले ही टीवी के बड़े पर्दों या लाइट-कैमरा-एक्शन की दुनिया से दूर हैं, लेकिन वे अपने फैन्स से पूरी तरह कटी नहीं हैं. वे सोशल मीडिया और अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े पल शेयर करती रहती हैं. वे अक्सर गांव की लाइफस्टाइल, देसी नुस्खे और हेल्थ से जुड़ी बातें बताती हैं. उनकी वीडियोज में कोई तामझाम नहीं होता, बल्कि एक ऐसी सादगी होती है जिसे देखकर लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं. शोबिज से दूर होकर रतन अब अपनी शर्तों पर जी रही हैं और उन्होंने यह दिखा दिया है कि खुश रहने के लिए मुंबई के आलीशान बंगलों की नहीं, बल्कि मन की शांति और सादगी की जरूरत होती है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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