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हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर को उनके अनूठे वेस्टर्न लुक, सूट, सिगार और रौबीले अंदाज की वजह से ‘भारत का क्लिंट ईस्टवुड’ कहा जाता था. उन्होंने सुपरहिट फिल्मों के जरिए निर्देशन में ग्लोबल पहचान बनाई. उन्होंने एक फिल्म से हिंदी सिनेमा में क्रांति ला दी थी. साल 2009 में उनके निधन के साथ ही बॉलीवुड के एक सबसे स्टाइलिश चैप्टर का अंत हो गया, लेकिन उनकी आखिरी फिल्म ‘वेलकम’ के डायलॉग्स आज भी दर्शकों के बीच बेहद पॉपुलर हैं.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में स्टाइल की बात हो, तो दिग्गज एक्टर का नाम सबसे पहले आता है. उन्हें लोग ‘धर्मात्मा’ और ‘कुर्बानी’ जैसी फिल्मों के लिए याद करते हैं. उन्होंने अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपने लुक से भी एक अलग पहचान बनाई. उन्हें बॉलीवुड का असली ‘स्टाइल आइकन’ माना जाता है. उनके जैसा स्वैग और रौब किसी और एक्टर में कम ही देखने को मिला.(फोटो साभार: IMDb)
27 अप्रैल 2009 को फिरोज खान इस दुनिया को अलविदा कह गए थे. उनका जलवा ऐसा था कि लोग उन्हें ‘भारत का क्लिंट ईस्टवुड’ कहते थे. जब भी वे स्क्रीन पर सूट, टोपी और सिगार के साथ नजर आते, फैंस दीवाने हो जाते थे. उनका अंदाज हमेशा से ही काफी मॉडर्न और वेस्टर्न रहा. (फोटो साभार: IMDb)
फिरोज खान का जन्म 25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु में हुआ था. उनका असली नाम जुल्फिकार अली शाह खान था. बचपन से ही उन्हें फिल्मों का बहुत शौक था. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई का रुख किया. उनका इरादा फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने का था. (फोटो साभार: IMDb)
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फिरोज के करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दीदी’ से हुई थी. शुरुआत में उन्होंने कई छोटी और कम बजट की फिल्मों में काम किया. फिर 1965 में फिल्म ‘ऊंचे लोग’ ने उन्हें पहली बड़ी सफलता दिलाई. इसके बाद ‘आरजू’ और ‘सफर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक बड़ा स्टार बना दिया. (फोटो साभार: IMDb)
70 और 80 का दशक फिरोज के करियर का सबसे सुनहरा दौर रहा. इस दौरान उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी कदम रखा. उनकी फिल्म ‘अपराध’ ने रेसिंग और स्टाइलिश एक्शन का नया ट्रेंड शुरू किया. वे हमेशा कुछ ऐसा बनाना चाहते थे जो ग्लोबल लेवल का लगे. (फोटो साभार: IMDb)
फिल्म ‘धर्मात्मा’ फिरोज के करियर की एक और बड़ी अचीवमेंट थी. यह पहली भारतीय फिल्म थी जिसकी शूटिंग अफगानिस्तान में हुई थी. इस फिल्म को हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘द गॉडफादर’ से प्रेरित माना गया. फिल्म के गाने और फिरोज खान का रॉयल लुक लोगों को बहुत पसंद आया. (फोटो साभार: IMDb)
साल 1980 में आई फिल्म ‘कुर्बानी’ ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. इसके गाने ‘लैला ओ लैला’ और ‘आप जैसा कोई’ आज भी लोग गुनगुनाते हैं. इस फिल्म ने म्यूजिक और प्रोडक्शन की दुनिया में नए पैमाने स्थापित किए. इसमें उनका निर्देशन और स्टाइल दोनों ही कमाल के थे. (फोटो साभार: IMDb)
फिरोज खान का निधन 2009 में कैंसर की वजह से हुआ. उनकी आखिरी फिल्म ‘वेलकम’ थी, जिसमें उनका ‘आरडीएक्स’ का किरदार अमर हो गया. उनका डायलॉग ‘अभी हम जिंदा हैं’ आज भी मीम्स और चर्चाओं में छाया रहता है. उन्होंने बॉलीवुड को स्टाइल की एक ऐसी विरासत दी जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.(फोटो साभार: IMDb)
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