Friday, 17 April 2026
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मिथुन चक्रवर्ती ने कॉपी किया राज कुमार का फेमस डायलॉग, खूब उड़ा मजाक, मूवी भी हुई फ्लॉप


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Raaj kumar Famous dialogue : थिएटर्स से निकलने से दर्शकों के दिल-दिमाग में सिर्फ गाने और डायलॉग ही रह जाते हैं. कई बार सिर्फ एक डायलॉग से लोग किसी खास फिल्म को वर्षों तक याद रखते हैं. ‘हम जहां ख‌ड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है….’ कालिया फिल्म का यह डायलॉग भला कौन भुला सकता है. इसी तरह से शोले-शहंशाह फिल्म के डायलॉग अमर हो गए. ऐसा ही कुछ मशहूर शेर-शायरी के साथ है. कई फिल्मों में हमें एक जैसे शेर सुनने को मिलते हैं. एक शेर तो चार अलग-अलग फिल्मों में सुनाई दिया. चार हीरो ने इस शेर को पर्दे पर डायलॉग के रूप में पेश किया. दिलचस्प बात यह है कि 2 फिल्में हिट रहीं और दो फिल्में फ्लॉप रहीं. वो शेर कौन सा था और वो चार हीरो कौन थे, आइये जानते हैं……..

किसी भी फिल्म के डायलॉग-शेर जितने सशक्त-प्रभावी होंगे, फिल्म की चर्चा उतनी ही होती है. धुरंधर-धुरंधर 2 फिल्म के डायलॉग खूब चर्चा में रहे. सनी देओल की घायल-घातक-दामिनी फिल्म के डायलॉग की खूब चर्चा होती है. ‘तारीख पर तारीख’ से लेकर ‘ढाई किलो का हाथ’ जैसे डायलॉग तो सनी देओल की पहचान बन गए. ऐसा ही एक डायलॉग चार हीरो ने चार अलग-अलग फिल्मों में बोला. मजेदार बात यह है कि चार फिल्मों में से दो फिल्में हिट रहीं जबकि दो फिल्में फ्लॉप रहीं. शेर के रूप यह डायलॉग था : ‘हमको जो मिटा सके, ये जमाने में दम नहीं, हमसे जमाना खुद है, हम जमाने से नहीं.’ ये डायलॉग चार फिल्मों ‘नया जमाना’, ‘मुकाबला, ‘बुलंदी’, और ‘दो नंबरी’ में था.

सबसे पहले बात करते हैं 1971 में रिलीज हुई ‘नया जमाना’ फिल्म की जिसका डायरेक्शन-प्रोडक्शन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था. फिल्म में धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अशोक कुमार, महमूद, प्राण जैसे दिग्गज सितारे थे. म्यूजिक एसडी बर्मन का था. कहानी आगाआनी कश्मीरी ने लिखी थी जिन्होंने ‘लव इन टोक्यो’ और ‘जिद्दी’ जैसी फिल्में लिखी थीं. यह फिल्म 1944 की बंगाली फिल्म ‘उदयर पाथे’ और 1945 की हिंदी फिल्म ‘हमराही’ पर बेस्ड थी जिसका निर्देशन बिमल रॉय ने किया था.

‘नया जमाना’ फिल्म के सभी गाने आनंद बख्शी ने लिखे थे. फिल्म में धर्मेंद्र ने एक संघर्षरत लेखक की भूमिका निभाई थी. वो फिल्म में एक शेर बोलते हैं : ‘हमको जो मिटा सके, ये जमाने में दम नहीं, हमसे जमाना खुद है, हम जमाने से नहीं.’ हेमा मालिनी-धर्मेंद्र की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. बाद में डायरेक्टर प्रमोद चक्रवर्ती ने दोनों को साथ में लेकर ‘जुगनू’ (1973), ‘ड्रीम गर्ल’ (1977) और ‘आजाद’ (1978) जैसी फिल्में धर्मेंद्र-हेमा मालिनी को साथ में लेकर बनाईं. ‘नया जमाना’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई. यह 1971 की 7वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.

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‘हमको जो मिटा सके, ये जमाने में दम नहीं’ डायलॉग 1979 में रिलीज हुई सुनील दत्त की फिल्म में सुनाई दिया. डायलॉग वही था, बस उसे पर्दे पर बोलने का अंदाज अलग था. इस बार यही डायलॉग सुनील दत्त ने बोला था. यह डायलॉग उन्होंने ‘मुकाबला’ फिल्म में बोला था जिसका निर्देशन राजकुमार कोहली ने लिया था. राजकुमार कोहली मल्टी स्टारर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते रहे हैं. उन्होंने नागिन और जानी दुश्मन जैसी फिल्में बनाई हैं.

फिल्म में सुनील दत्त, शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय और बिंदिया गोस्वामी लीड रोल में थीं. जब 1976 में यह फिल्म अनाउंस की गई थी तब जीतेंद्र ने फिल्म साइन की थी. बाद में उनकी जगह शत्रुघ्न सिन्हा को लिया गया. मुकाबला फिल्म में सुनील दत्त के अपोजिट बिंदिया गोस्वामी को कास्ट किया गया था. उस समय सुनील दत्त 50 साल के थे और बिंदिया सिर्फ 18 साल की थी. वो सुनील दत्त की बेटी अंजू की सहेली थीं. पिता की उम्र के सुनील दत्त के साथ उन्होंने रोमांटिक सीन किए थे. इन सीन के दौरान वो काफी असहज थीं. मुकाबला फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी.

साल 1981 में यही डायलॉग हमें राज कुमार-डैनी डेंजोंगप्पा, किम यशपाल स्टारर फिल्म ‘बुलंदी’ में सुनाई दिया था. राज कुमार ने इस डायलॉग को अपने ही अंदाज में बोलकर आइकॉनिक बना दिया. ‘बुलंदी’ एक क्राइम थ्रिलर फिल्म थी जिसका डायरेक्शन इस्माइल श्रॉफ ने किया था. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी थे.

फिल्म में डैनी डेंजोंगप्पा का डबल रोल था. राज कुमार डैनी के रोल से बहुत खुश हुए थे. आमतौर राज कुमार अपने साथ काम करने वाले एक्टर की तारीफ नहीं करते थे लेकिन उन्होंने डैनी की खूब तारीफ की थी. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ‘हमको जो मिटा सके, ये जमाने में दम नहीं, हमसे जमाना खुद है, हम जमाने से नहीं’ जैसा आइकॉनिक डायलॉग मिथुन चक्रवर्ती की 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘दो नंबरी’ में भी सुनाई दिया था. मिथुन चक्रवर्ती ने इस डायलॉग को बोला था. फिल्म का डायरेक्शन टीएलवी प्रसाद ने किया था. यह एक एक्शन कॉमेडी फिल्म थी. मिथुन दा की यह फिल्म ऊटी फैक्ट्री बेस्ड थी. बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी.

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