Friday, 17 April 2026
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जिस सॉन्ग को समझा ‘कचरा’, उदित नारायण-कविता कृष्णमूर्ति ने बना दिया BLOCKBUSTER, अमर हो गया गाना


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Udit Narayan Evergreen Blockbuster Song : जिस गाने को कचरा समझकर फेंक दिया गया, जिस गाने का म्यूजिक कंपनी ने कोई प्रमोशन नहीं किया, वही गाना जब 90 के दशक की एक फिल्म में आया और उदित नारायण ने इसे अपनी खनकती आवाज में गाया तो इतिहास बन गया. इस गाने की बेहद सुरीली धुन जतिन-ललित ने तैयार की थी. मूवी फ्लॉप हो गई लेकिन उदित नारायण का वो गाना अमर हो गया. आज बड़े से बड़े म्यूजिक लवर को इस फिल्म का नाम याद नहीं होगा लेकिन इंस्टाग्राम पर इस गाने पर हर दूसरी-तीसरी रील्स बनती है. मजेदार बात यह यह है कि इस गाने को ‘कचरा’ समझा गया था. गाना एक एल्बम में भी रिलीज हो चुका था. गाने के बोल मजरूह सुल्तानपुरी से लिखवाकर बदले गए. फिर जो हुआ, वो हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज है. वो ब्लॉकबस्टर गाना कौन सा था, आइये जानते हैं…….

Udit Narayan Bin Tere Sanam Mar Mitenge Hum Song : 90 के दशक में फिल्म से ज्यादा म्यूजिक चर्चा में रहता था. कर्णप्रिय म्यूजिक ने कई खराब फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर नैया पार लगाई. एक तरफ नदीम-श्रवण की सुपरहिट म्यूजिक था तो दूसरी ओर उन्हें जतिन-ललित का शानदार म्यूजिक हर दूसरी मूवी में सुनाई देता था. 90 के दशक में म्यूजिक सेंटर पर ऑडियो कैसेट खरीदने की होड़ मच जाती थी. ऐसी ही एक फिल्म 1991 में आई थी जिसके गाने को उदित नारायण ने अमर कर दिया. मूवी फ्लॉप हो गई लेकिन वो गाना अमर हो गया. किसी को फिल्म का नाम याद नहीं है लेकिन आज इस कालजयी गाने पर खूब रील्स बनती हैं. मजेदार बात यह है कि यह गाना एक ऑडियो एल्बम से लिया गया था. म्यूजिक कंपनी ने इसे ‘कचरा’ समझते हुए संगीतकार जतिन-ललित को वापस लौटा दिया था. वो गाना था : ‘बिन तेरे सनम, मर मिटेंगे हम, आ मेरी जिंदगी’, जो कि ‘यारा दिलदारा’ फिल्म में सुनाई दिया था.

‘यारा दिलदारा’ 1991 में रिलीज हुई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी जिसका डायरेक्शन मिर्जा ब्रदर्स ने किया था. फिल्म में आसिफ शेख और रुचिका पांडेय लीड रोल में थे. इसी फिल्म से संगीतकर जतिन-ललित ने बतौर म्यूजिक डायरेक्टर डेब्यू किया था. रुचिका पांडेय की भी यह डेब्यू फिल्म थी. हालांकि उनका करियर कुछ खास नहीं चल पाया.

‘यारा दिलदारा’ फिल्म में कुल 7 गने थे. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘बिन तेरे सनम मर मिटेंगे हम आ मेरी जिंदगी’ था. इस फिल्म को सिर्फ इसी कालजयी गाने के लिए याद किया जाता है. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने इस गाने को लिखा था. उदित नारायण ने इस गाने को ब्लॉकबस्टर बनाया. इस गाने के बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है.

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दरअसल, संगीतकार जतिन-ललित ने अपने करियर की शुरुआत में एक म्यूजिक एल्बम से की थी. दोनों ने अपनी धुनों का कलेक्शन बनाया. खुद से गाने लिखे. फिर एक म्यूजिक कंपनी के जरिये एल्बम को लॉन्च किया था. इस एल्बम का नाम ‘रिद्मेटिक लव’ था जो कि 1986 में रिलीज हुआ था.

जतिन पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘म्यूजिक कंपनी ने एल्बम का प्रमोशन ठीक से नहीं किया था. जब हमें ‘यारा दिलदारा’ फिल्म मिली तो इस एल्बम के गाने हमने प्रोड्यूसर शाहरुख मिर्जा को सुनाए. वो बोले कि ये म्यूजिक मुझे दे दो. तुम्हारा तो चला नहीं है. हमने भी हामी भर दी.’

जतिन पंडित ने आगे बताया था, ‘मैं म्यूजिक कंपनी के ऑफिस में पहुंचा. उनसे गाने के फिल्म में इस्तेमाल की परमिशन मांगी. उन्होंने लिखित में परमिशन दी. हमने फिर से गाने पर काम किया. उसकी कमियां दूर की. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी साहब ने गाने के लिरिक्स बदल दिए. ‘ले जा मेरा दिल, है ये काम का’ की जगह ‘बिन तेरे सनम, मर मिटेंगे हम, आ मेरी जिंदगी’ कर दिया. हमने ट्रैक की लेयरिंग की. उदित नारायण-कविता कृष्णमूर्ति से उस गाने को रिकॉर्ड करवाया. पिक्चर का तो पता ही नहीं चला लेकिन म्यूजिक अमर हो गया. उस फिल्म का म्यूजिक अपने समय से बहुत आगे का था.

‘यारा दिलदारा’ फिल्म का डायरेक्शन-स्क्रीनप्ले बहुत कमजोर था. फिल्म बहुत स्लो थी. मूवी फ्लॉप रही लेकिन जतिन-ललित का म्यूजिक अमर रहा. आगे चलकर जतिन-ललित ने ‘यस बॉस’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘मोहब्बतें’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘हम तुम’ और ‘फना’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में म्यूजिक दिया. दिलचस्प बात यह है कि यसबॉस फिल्म का गाना ‘मैं कोई ऐसा गीत गाऊं’ की धुन भी ‘रिद्मेटिक लव’ एल्बम से ली गई थी. कई फिल्मों के गाने जतिन-ललित के इसी एल्बम से लिए गए.

फिल्म के हीरो आसिफ शेख थे. बॉलीवुड में 1988 की फिल्म ‘रामा ओ रामा’ से उन्होंने डेब्यू किया था. उन्होंने स्वर्ग जैसा घर, अपराधी, इश्क में जीना इश्क में मरना, दुनिया झुकती है, जमाना दीवाना, कर्तव्य जैसी फिल्मों में काम किया लेकिन सफलता नहीं मिली. फिर उन्होंने विलेन के किरदार निभाना शुरू कर दिए. 1994 में आई ‘करण-अर्जुन’ में उन्होंने सूरज सिंह का रोल निभाया था. ‘प्यार किया तो डरना क्या’ में भी नजर आए लेकिन आसिफ शेख को असली पहचान ‘भाभी जी घर पर हैं’ टीवी सीरियल से मिली. इस सीरियल में वो विभूति नारायण का किरदार निभा रहे हैं.

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