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Virat Kohli Pickle Juice Health Benefits; Muscle Cramps


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4 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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हाल ही में विराट कोहली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह इंदौर के होल्कर स्टेडियम में मैच के बीच एक मिस्ट्री ड्रिंक पीते नजर आए। जैसे ही विराट कोहली ने उस ड्रिंक का एक शॉट लिया, उनके चेहरे के एक्सप्रेशन देखकर लोग हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर किसी ने इसे ‘कड़वी दवा’ तो किसी ने ‘एनर्जी ड्रिंक’ बताया।

हालांकि बाद में पता चला कि यह ड्रिंक पिकल जूस था।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, पिकल जूस मसल क्रैम्प्स में तेजी से राहत देता है। आजकल खिलाड़ी इसे मसल क्रैम्प्स से बचने, थकान कम करने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बनाए रखने के लिए लेते हैं। कई प्रोफेशनल एथलीट्स इसे नेचुरल स्पोर्ट्स ड्रिंक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम पिकल जूस के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • क्या पिकल जूस सभी के लिए सुरक्षित है?
  • क्या पिकल जूस का कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है?

एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ

सवाल- पिकल जूस क्या होता है?

जवाब- पिकल जूस का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले पिकल शब्द से ‘अचार’ का ख्याल आता है। लेकिन यहां हम कटहल, लहसुन, आम, करौंदा जैसे देसी पिकल्स के जूस की बात नहीं कर रहे हैं। इनमें बहुत सारा तेल और तीखे मसाले होते हैं।

जो पिकल जूस खिलाड़ी पीते हैं, वह आमतौर पर खीरे, गाजर या चुकंदर जैसी सब्जियों से बना होता है। यह एक तरह का खट्टा-नमकीन पानी है, जिसमें खीरा या दूसरी सब्जियां डाली जाती हैं। यह पानी, नमक और एपल साइड विनेगर से बनता है। इसमें सब्जियों को कुछ समय तक भिगोकर रखा जाता है, जिससे मिनरल्स उसमें घुल जाते हैं। यह जूस नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करता है।

सवाल- पिकल जूस और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक में क्या फर्क है?

जवाब- पिकल जूस और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक दोनों का काम शरीर में मिनरल्स की कमी पूरी करना है, लेकिन दोनों में फर्क होता है।

पिकल जूस एक नेचुरल हेल्दी ड्रिंक होता है। इसमें नमक और विनेगर से मिलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जैसे सोडियम और थोड़ी मात्रा में पोटेशियम। इसमें आमतौर पर शुगर नहीं होती और कैलोरी भी बहुत कम होती है। यही वजह है कि यह मसल क्रैम्प्स से जल्दी राहत देने में मदद करता है।

वहीं जो इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक बाजार में मिलते हैं, उनमें इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ शुगर, फ्लेवर और कभी-कभी प्रिजर्वेटिव्स भी मिलाए जाते हैं। ये लंबे समय तक खेलने या बहुत ज्यादा थकान में काम आते हैं।

सवाल- पिकल जूस शरीर में जाकर क्या काम करता है?

जवाब- पिकल जूस शरीर में जाते ही सबसे पहले नर्व्स और मसल्स पर असर डालता है। इसमें मौजूद सोडियम और विनेगर मुंह और गले की नसों को तुरंत एक्टिव कर देता है। इससे ब्रेन तक यह सिग्नल पहुंचता है कि मांसपेशियों को रिलैक्स करना है। इसीलिए पिकल जूस लेने के कुछ ही देर के भीतर मसल क्रैम्प्स से राहत मिलती है। साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस को बनाए रखने में भी मदद करता है।

सवाल- पिकल जूस के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- पिकल जूस शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट सपोर्ट देता है और खासतौर पर मसल क्रैम्प्स में इंस्टेंट राहत के लिए जाना जाता है। अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए तो इसके कई हेल्थ बेनिफिट्स हो सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या पिकल जूस सभी के लिए सुरक्षित है?

जवाब- नहीं, पिकल जूस सभी के लिए सुरक्षित नहीं है। भले ही यह नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स का अच्छा सोर्स है, लेकिन इसमें सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसलिए कुछ लोगों को इसे सावधानी के साथ या फिर बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर, किडनी डिजीज, अल्सर, एसिडिटी और गैस की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए पिकल जूस नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के पिकल जूस नहीं लेना चाहिए। हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने वाले लोगों और एथलीट्स के लिए पिकल जूस ज्यादा फायदेमंद है।

सवाल- क्या रोज पिकल जूस पीना सुरक्षित है?

जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि पिकल जूस को डेली हेल्थ ड्रिंक की तरह नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए। जैसे मसल क्रैम्प्स होने पर, बहुत ज्यादा पसीना आने के बाद या ज्यादा थकान की स्थिति में।

पिकल जूस को पानी की तरह नहीं पिया जाता है। इसे बहुत कम मात्रा में लेना होता है। आमतौर पर एक या दो चम्मच पर्याप्त है। इसे कभी-कभार सीमित मात्रा में दवा की तरह ही लेना चाहिए।

सवाल- क्या पिकल जूस के कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं?

जवाब- पिकल जूस में सोडियम और पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसे रोज पीने से पेट में जलन, उल्टी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पर दबाव और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- किन लोगों को पिकल जूस नहीं पीना चाहिए?

जवाब- पिकल जूस में सोडियम और एसिडिक तत्व ज्यादा होते हैं। इसलिए कुछ लोगों को इसे नहीं पीना चाहिए। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या बाजार में मिलने वाला पिकल जूस सेफ होता है?

जवाब- यह पूरी तरह से पिकल जूस की क्वालिटी और इंग्रीडिएंट्स पर निर्भर करता है। हर पैक्ड पिकल जूस हेल्दी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई प्रोडक्ट्स में बहुत ज्यादा सोडियम, आर्टिफिशियल फ्लेवर, प्रिजर्वेटिव्स और एडेड एसिड मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

बाजार से पिकल जूस खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें। उसमें सिर्फ पानी, नमक और फर्मेंटेड सब्जियों का एक्सट्रैक्ट या नेचुरल विनेगर होना चाहिए।

साथ ही यह भी देखना जरूरी है कि वह फर्मेंटेड है या सिर्फ विनेगर-बेस्ड। फर्मेंटेड पिकल जूस गट हेल्थ के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। जबकि सिर्फ विनेगर वाला जूस मसल क्रैम्प्स के लिए ठीक रहता है। बाजार वाला पिकल जूस भी सीमित मात्रा में और जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए।

सवाल- क्या घर पर पिकल जूस बनाया जा सकता है?

जवाब- हां, पिकल जूस घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इसे नीचे दिए पॉइंट्स से समझिए-

  • कांच का एक साफ जार लें।
  • उसमें खीरा, गाजर या चुकंदर जैसी सब्जियां काटकर डालें।
  • 1 कप पानी में 1 छोटा चम्मच नमक मिलाकर घोल बना लें।
  • चाहें तो 1–2 चम्मच एपल साइड विनेगर मिला सकते हैं।
  • जार को ढककर 1–2 दिन नार्मल रूम टेम्परेचर पर रखें।
  • इसके बाद फ्रिज में रख दें।
  • हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के बाद इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए 1-2 चम्मच से शुरू करें।

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