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Internship Scam; Fake Job Offer Cyber Fraud


9 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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साइबर अपराधी हर रोज ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब वे कॉलेज के ऐसे स्टूडेंट्स को निशाना बना रहे हैं, जो इंटर्नशिप की तलाश में हैं। साइबर ठग इंटर्नशिप के नाम पर अच्छी सैलरी और गारंटीड प्लेसमेंट जैसे लुभावने ऑफर्स दिखाकर युवाओं को ठग रहे हैं।

इसी खतरे को देखते हुए हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है। I4C ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों और अभिभावकों को इस नए स्कैम से सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

तो चलिए, आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम जानेंगे कि-

  • इंटर्नशिप के नाम पर साइबर ठग किस तरह छात्रों को अपने जाल में फंसाते हैं?
  • फर्जी और असली इंटर्नशिप में के फर्क को कैसे पहचानें?
  • इस तरह की ठगी से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- इंटर्नशिप स्कैम क्या है?

जवाब- इंटर्नशिप स्कैम में साइबर अपराधी फर्जी इंटर्नशिप का लालच देकर छात्रों को जाल में फंसाते हैं। वे आसान काम, सर्टिफिकेट, स्टाइपेंड और प्लेसमेंट का झांसा देकर निजी जानकारी हासिल करते हैं। बाद में स्टूडेंट्स के पर्सनल डिटेल्स का गलत इस्तेमाल करते हैं।

सवाल- इंटर्नशिप के नाम पर ठग स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे हैं?

जवाब- इंटर्नशिप स्कैम में ठग छात्रों की जल्दी इंटर्नशिप पाने की चाह और करियर के दबाव का फायदा उठाते हैं। वे फर्जी ऑफर्स दिखाकर छात्रों से पैसे और पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं। शुरुआत में सब कुछ प्रोफेशनल और असली जैसा लगता है। लेकिन असल में न तो कोई असली कंपनी होती है और न ही कोई काम होता है। इसका मकसद सिर्फ ठगी करना और पर्सनल डेटा हासिल करना होता है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए-

सवाल- स्टूडेंट्स ठगों के झांसे में क्यों फंसते हैं?

जवाब- अक्सर स्टूडेंट्स जल्दी इंटर्नशिप, सर्टिफिकेट और कमाई की उम्मीद में बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे ऑफर्स पर भरोसा कर लेते हैं। करियर का दबाव, जानकारी की कमी और आकर्षक ऑफर्स उनकी समझदारी पर भारी पड़ जाते हैं।

सवाल- इस तरह की ठगी से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- ऐसे स्कैम से बचने के लिए किसी भी ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी लें। हरेक डिटेल को वेरिफाई जरूर करें। एक छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- इंटर्नशिप के नाम पर स्कैमर्स आपका जो डेटा लेते हैं, उसका किन–किन तरीकों से गलत इस्तेमाल कर सकते हैं?

जवाब- स्कैमर्स आपके पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल कई तरह की धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपकी आइडेंटिटी और पैसा खतरे में पड़ता है, बल्कि आपके नाम पर बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड भी हो सकते हैं। कई बार पीड़ित को तब पता चलता है, जब उसके नाम पर कोई लोन या फ्रॉड हो जाता है।

इंटर्नशिप से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल- कैसे जानें कि लिंक्डइन (Linkedin) पर दिख रहा जॉब ऑफर कहीं फर्जी तो नहीं है?

जवाब- लिंक्डइन पर किसी जॉब या इंटर्नशिप ऑफर को सही मानने से पहले कंपनी की प्रोफाइल, वेबसाइट और ई-मेल आईडी जरूर जांचें। अगर ऑफर बिना इंटरव्यू दिया जा रहा हो, जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जा रहा हो या किसी भी तरह की फीस मांगी जा रही हो, तो वह फर्जी हो सकता है। असली कंपनियां कभी भी नौकरी या इंटर्नशिप के लिए पैसे नहीं मांगती हैं।

सवाल- लिंक्डइन के अलावा किसी अन्य जगह से मिल रहे फर्जी जॉब ऑफर को कैसे पहचानें?

जवाब- इसके कुछ आसान संकेत हैं। जैसेकि –

  • अगर ऑफर बहुत जल्दी और बिना इंटरव्यू के मिल रहा हो।
  • जॉब या इंटर्नशिप के बदले पैसे की डिमांड की जा रही हो।
  • बहुत ज्यादा सैलरी या स्टाइपेंड का ऑफर दिया जा रहा हो।
  • कंपनी की वेबसाइट या ऑफिस से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी न मिले।
  • तुरंत पर्सनल या बैंक डिटेल्स मांगी जा रही हों।
  • जल्दी फैसला लेने का दबाव बनाया जा रहा हो।
  • ऑफिशियल ई-मेल की जगह पर्सनल मेल या नंबर से संपर्क किया जा रहा हो।

सवाल- फर्जी ऑफर लेटर को कैसे पहचानें?

जवाब- फर्जी ऑफर लेटर में कुछ बुनियादी कमियां होती हैं, जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। जैसेकि-

  • इसमें अक्सर कंपनी का पूरा पता और सही लोगो नहीं होता है।
  • ऑफिशियल ई-मेल आईडी नहीं होती है।
  • रोल, सैलरी, वर्क प्रोफाइल और जॉइनिंग प्रोसेस की जानकारी स्पष्ट नहीं होती है।
  • प्रोफेशनल भाषा और सही फॉर्मेट का अभाव होता है।
  • जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जाता है।
  • किसी-न-किसी बहाने से फीस जमा करने की बात कही जाती है।
  • वहीं असली ऑफर लेटर हमेशा प्रोफेशनल लैंग्वेज में होता है। इसमें कंपनी की पूरी जानकारी, जॉब डिटेल्स और ऑफिशियल कॉन्टैक्ट दिए होते हैं, जिसे आसानी से वेरिफाई किया जा सकता है।

सवाल- क्या कोई ऑथेंटिक कंपनी जॉब ट्रेनिंग के लिए पैसे मांगती है?

जवाब- नहीं, कोई भी ऑथेंटिक और प्रोफेशनल कंपनी जॉब या इंटर्नशिप देने के बदले या ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं मांगती है। अगर किसी ऑफर में ट्रेनिंग, रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस की बात हो रही है तो साफ संकेत है कि वह फर्जी है।

सवाल- इंटर्नशिप स्कैम की शिकायत कहां और कैसे करें?

जवाब- इसके लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। शिकायत करने के लिए सभी मेल/मैसेज बातचीत के साक्ष्य साथ जरूर रखें। अपने नजदीकी थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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