Friday, 17 April 2026
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काम पाने के लिए सड़कों पर भटके पैदल, विलेन बनकर जमाई धाक, आज हर किरदार में फूंक देते हैं जान


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साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले प्रकाश राज ने सिर्फ खलनायक बनकर ही नहीं, बल्कि इमोशनल और गंभीर किरदारों के जरिए भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. कभी काम की तलाश में स्टूडियो के चक्कर लगाने वाले ये अभिनेता आज इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद और बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते हैं.

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काम पाने के लिए सड़कों पर भटके पैदल, विलेन बनकर जमाई धाकZoom

साउथ में खूब बजा है डंका

नई दिल्ली. आली रे आली, आता तुमची बारी आली’ जैसे ये डायलॉग सुनते ही प्रकाश राज का ‘जयकांत शिखरे’ वाला खतरनाक चेहरा याद आ जाता है, जिसे उन्होंने सिंघम में निभाया था.

इस किरदार को और असरदार बनाने के लिए प्रकाश राज ने खुद अपनी बॉडी लैंग्वेज में बदलाव किया था. खास बात ये है कि गुस्सा दिखाने के लिए हाथ हिलाने वाला उनका स्टाइल स्क्रिप्ट में था ही नहीं. उनकी इसी मेहनत और डिटेलिंग ने उन्हें सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि साउथ सिनेमा का भी बड़ा विलेन बना दिया.

कभी काम के लिए सड़कों पर फिरते थे पैदल

26 मार्च को जन्मे प्रकाश राज का असली नाम प्रकाश राय है. फिल्मों में आने के बाद डायरेक्टर की सलाह पर उन्होंने अपना सरनेम बदलकर ‘राज’ कर लिया और यही नाम उनकी पहचान बन गया. लेकिन यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था. कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था, इसलिए काम की तलाश में वो एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक पैदल घूमते थे.

साउथ में मिला बड़ा ब्रेक

फिल्मों और टीवी में आने से पहले वो थिएटर करते थे, जहां उन्हें महीने के सिर्फ 300 रुपये मिलते थे. धीरे-धीरे उन्हें साउथ की अलग-अलग भाषाओं के टीवी शोज मिलने लगे. कन्नड़ भाषी होने के बावजूद उन्होंने तमिल, तेलुगू और मलयालम में भी काम किया. शुरुआत में भाषा मुश्किल लगी, लेकिन बाद में उन्होंने इतनी अच्छी तरह सीखा कि आज अपनी फिल्मों की डबिंग खुद करते हैं. तमिल सिनेमा में उन्हें बड़ा ब्रेक ड्युएट से मिला. इस फिल्म में बड़े कलाकारों के बीच भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली. इसके बाद घिल्ली, पोकिरी और ओक्काडु जैसी फिल्मों में उनके विलेन वाले किरदार ने लोगों को खूब डराया.

बता दें कि हिंदी फिल्मों में भी उनकी एंट्री विलेन के तौर पर ही हुई. वॉन्टेड से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और फिर सिंघम रिटर्न्स, बुढ्ढा होगा तेरा बाप, दबंग 2 और हीरोपंती जैसी फिल्मों में अपनी निगेटिव इमेज को और मजबूत किया. लेकिन प्रकाश राज ने खुद को सिर्फ विलेन तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने कई भावुक और गंभीर किरदार भी निभाए, जिन्हें लोगों ने उतना ही प्यार दिया. अभियुम नानुम और आकाशमंता में उन्होंने एक ऐसे पिता का रोल निभाया, जो अपनी बेटी के लिए जीता है. वहीं धोनी में भी उनके पिता वाले किरदार ने लोगों को भावुक कर दिया.कुल मिलाकर, प्रकाश राज सिर्फ खतरनाक विलेन ही नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार हैं जो हर तरह के किरदार को पूरी ईमानदारी और गहराई से निभाना जानते हैं.

About the Author

Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें



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