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11 Minute Extra Sleep Study; Heart Attack Risk Impact


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1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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मार्च 2026 में ‘यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी’ में एक स्टडी पब्लिश हुई। इसके मुताबिक, रोज 11 मिनट ज्यादा नींद और 5 मिनट एक्स्ट्रा एक्सरसाइज से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम 10% तक कम हो सकता है।

BW हेल्थकेयर की रिपोर्ट ‘बीट बाई बीट 2025’ के मुताबिक, दुनियाभर में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में 20% भारत में होती हैं। इसका मतलब है कि हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इसका मतलब है कि हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज हार्ट डिजीज पर आई नई स्टडी की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे-

  • हेल्दी हार्ट के लिए कितनी नींद जरूरी है?
  • अच्छी और गहरी नींद के लिए क्या करें?

सवाल- हार्ट हेल्थ से जुड़ी इस नई स्टडी में क्या पता चला है?

जवाब- इस स्टडी में ये मुख्य बातें पता चलीं-

हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क 10% कम होगा, अगर-

  • रोज 11 मिनट ज्यादा नींद लें।
  • 5 मिनट एक्स्ट्रा एक्सरसाइज करें।
  • डाइट में सब्जियां ज्यादा लें।
  • हार्ट हेल्थ और लाइफस्टाइल का सीधा कनेक्शन
  • नींद, डाइट और एक्सरसाइज तीनों का हार्ट हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है।
  • लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव भी बड़ा फर्क पैदा करते हैं।
  • रोज 8-9 घंटे की नींद, नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट से हार्ट डिजीज का रिस्क 57% तक कम हो सकता है।

सवाल- सिर्फ 11 मिनट एक्स्ट्रा नींद से हार्ट डिजीज का रिस्क कैसे कम होता है?

जवाब- 11 मिनट कोई जादुई संख्या नहीं है, लेकिन यह शरीर में एक ‘पॉजिटिव चेन रिएक्शन’ शुरू करती है। इससे ये बदलाव होते हैं-

ब्लड प्रेशर में सुधार- नींद के दौरान शरीर ‘नॉक्टर्नल डिप’ (BP कम होना) मोड में जाता है। 11 मिनट ज्यादा नींद से हार्ट की ब्लड वेसल्स को आराम करने का ज्यादा समय मिल जाता है।

स्ट्रेस में कमी- थोड़ी ज्यादा नींद से स्ट्रेस कम होता है। इससे स्ट्रेस हॉर्मोन ‘कोर्टिसोल’ घटता है, जिससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है।

शुगर कंट्रोल- इससे ‘इंसुलिन सेंसिटिविटी’ सुधरती है और डायबिटीज, हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है।

हॉर्मोनल बैलेंस- थोड़ी ज्यादा नींद ‘घ्रेलिन’ (भूख बढ़ाने वाला हॉर्मोन) को कंट्रोल करती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

सेल रिपेयर- शरीर को डैमेज सेल्स, टिशूज की मरम्मत के लिए ज्यादा समय मिल जाता है।

सवाल- नींद की अवधि में सिर्फ 11 मिनट बढ़ाने से फायदा कैसे हो सकता है?

जवाब– अगर कोई 4-5 घंटे की नींद लेता है तो उसकी नींद की क्वालिटी खराब है। ऐसे में 11 मिनट ज्यादा नींद से तुरंत फायदा नहीं होगा। समझने वाली बात ये है कि-

  • 11 मिनट चमत्कारी नंबर नहीं है।
  • रिसर्च कहती है कि मामूली सुधार भी बड़ा रिजल्ट दे सकता है।
  • 11 मिनट ज्यादा नींद से हार्ट बेहतर काम करता है, मेटाबॉलिज्म सुधरता है और शरीर बेहतर काम करता है।
  • रोज 8 घंटे की अच्छी नींद से ज्यादा फायदे होते हैं।

सवाल- रिसर्च में हार्ट हेल्थ के लिए कितनी नींद बेस्ट बताई गई है?

जवाब- रिसर्च के मुताबिक, हेल्दी हार्ट के लिए रोज 8-9 घंटे की नींद जरूरी है। अगर कोई इतना नहीं सोता, तो रोज 10-15 मिनट नींद बढ़ाने से भी फायदा हो सकता है।

सवाल- नींद के अलावा हार्ट को हेल्दी रखने के लिए डाइट में क्या बदलाव करना चाहिए?

जवाब- केवल अच्छी नींद काफी नहीं है। खाने की थाली का भी हार्ट हेल्थ पर असर पड़ता है। नई स्टडी के मुताबिक, एक्स्ट्रा फाइबर और सब्जियां हार्ट अटैक का जोखिम कम कर सकती हैं। हेल्दी हार्ट के लिए डाइट में ये बदलाव करें-

सवाल- अच्छी और गहरी नींद के लिए सोने से पहले क्या करें?

जवाब- नींद के ‘ड्यूरेशन’ के साथ ‘क्वालिटी’ भी जरूरी है। अगर आप 8 घंटे बिस्तर पर बिताते हैं, लेकिन नींद बार-बार टूटती है तो हार्ट को आराम नहीं मिलता। गहरी नींद के लिए ‘स्लीप हाइजीन’ रूटीन फॉलो करना जरूरी है-

नींद और हार्ट हेल्थ से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या सिर्फ 15-20 मिनट वॉकिंग से भी हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है?

जवाब- हां, कम होता है। हल्की वॉकिंग से–

  • ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
  • हार्ट मसल्स एक्टिव रहती हैं।
  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
  • कोलेस्ट्रॉल बैलेंस सुधरता है।
  • धीरे-धीरे हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है।

सवाल- क्या वजन बढ़ने पर हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है?

जवाब- हां, इससे हार्ट पर दबाव बढ़ता है-

  • ज्यादा फैट आर्टरीज पर दबाव डालता है।
  • बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है।
  • ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है।
  • इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

सवाल- क्या मोबाइल और स्क्रीन टाइम ज्यादा होने से भी हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है?

जवाब- हां, इससे हार्ट हेल्थ प्रभावित होता है-

  • ज्यादा स्क्रीन टाइम से फिजिकल एक्टिविटी कम होती है।
  • नींद का पैटर्न बिगड़ता है।
  • स्ट्रेस और हार्ट रेट बढ़ सकता है।
  • आंखों और ब्रेन पर दबाव पड़ता है।

सवाल- क्या ज्यादा देर तक बैठकर काम करने से भी हार्ट पर बुरा असर पड़ता है?

जवाब- हां, सिडेंटरी लाइफस्टाइल से सीधे जोखिम बढ़ता है-

  • लंबे समय तक बैठने से ब्लड फ्लो धीमा होता है।
  • फैट जमा होता है।
  • मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है।
  • शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल प्रभावित होते हैं।
  • हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।

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